- लाभार्थी पुरुष को तीन हजार, आशा को मिलेगा चार सौ रुपया
- सभी सामुदायिक अधीक्षकों को दो पुरुष नसबंदी का मिला लक्ष्य
- जनपद में एक वर्ष में 20 पुरुष का नसबंदी कराना अनिवार्य
आशुतोष चतुर्वेदी, ब्यूरो चीफ
दैनिक समाज जागरण
मऊ : अब पुरुष परिवार नियोजन अपना कर अपनी भागीदारी दिखाएंगे। विभाग द्वारा इसके लिए सभी सीएचसी प्रभारी को अपने क्षेत्र में कम से कम दो पुरुष की नसबंदी कराना अनिवार्य किया गया है। इसके लिए एक वर्ष में विभाग को 20 पुरुष की नसबंदी का लक्ष्य दिया गया है।परिवार नियोजन के लिए लोगों को जागरूक कर इसका लाभ देेने के लिए अनेक प्रकार की योजनाएं संचालित हैं। इसमें महिलाओं के साथ पुरुष की भी भागीदारी सुनिश्चित किया जा रहा है। शासन द्वारा महिला नसबंदी के साथ पुरुष नसबंदी के लिए भी लोगों काे जागरूक कर नसबंदी करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। विभाग द्वारा इसके लिए आशा व एएनएम को अपने क्षेत्र में लाेगों को जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसके अंतर्गत नसबंदी कराने वाले पुरुष लाभार्थी को तीन हजार जबकि नसबंदी के लिए प्रेरित करने वाले स्वास्थ्यकर्मी को 400 रुपया दिया जाएगा। सभी सीएचओ (कम्यूनिटी हेल्थ आफिसर) को अपने क्षेत्र में दाे पुरुष नसबंदी का लक्ष्य भी दिया गया है। वहीं एक वर्ष में विभाग को 20 का नसबंदी कराने का लक्ष्य दिया गया है। नसबंदी की निश्शुल्क सेवा दी जाएगी। जागरूकता अभियान में दो हजार आशा कार्यकत्री सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी शामिल हैं।
नसबंदी कराने वाला पुरुष होगा ब्रांड एंबेसडरजिला परिवार नियोजन विशेषज्ञ मो. शरीफ ने विभाग द्वारा जागरूकता अभियान के दौरान जो भी पुरुष नसबंदी कराएगा। विभाग उस पुरुष की सहमति पर उन्हें ब्रांड एंबेसडर के रूप में भी प्रदर्शित किया जाएगा। सभी तरह के डिस्प्ले से लोगों को जागरूक किया जाएगा।
शासन की पहल पर परिवार नियोजन के लिए महिला सहित पुरुष के नसबंदी के लिए सभी को जागरूक किया जाएगा। निर्धारित लक्ष्य की प्राप्ति के लिए सभी को निर्देशित कर दिया गया है।
- डा. नरेश अग्रवाल, सीएमओ।
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