google-site-verification: google2b21991adbe5cec3.html

जन शिक्षा केंद्र ताला में मध्यान्ह योजना बनी कमाई का जरिया

मुख्यालय के विद्यालय में नहीं बनता मेनू के अनुसार भोजन
फोटो
सीधी। जिले के जनपद शिक्षा केंद्र मझौली के जन शिक्षा केंद्र ताला अंतर्गत प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में बच्चों के लिए पौष्टिक एवं संतुलित आहार प्रदान करने वाली “मध्यान्ह योजना”कमाई का जरिया बनी है क्योंकि किसी भी विद्यालय में निर्धारित मेनू के अनुसार बच्चों को भोजन नहीं दिया जाता है जिससे जन शिक्षक पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
सबसे गंभीर बात तब हो जाती है जब जन शिक्षा केंद्र ताला के मुख्यालय परिसर में संचालित प्राथमिक शाला एवं माध्यमिक शाला में भी बच्चों को मेनू के अनुसार भोजन नहीं दिया जाता है जिसमें संकुल प्राचार्य भी सवालों की घेरे में आते हैं जिनकी जिम्मेदारी होती है कि सतत निगरानी की जाए लेकिन सबसे बड़ी जिम्मेदारी जन शिक्षक की होती है अगर मुख्यालय के विद्यालय में इस तरह मनमानी का आलम है तो सोचा जा सकता है कि दूर दराज के तमाम विद्यालयों में क्या स्थिति होगी।
बॉक्स
अप्रत्यक्ष रूप से जन शिक्षक चल रहे समूह
सूत्रों की माने तो मध्यान्ह योजना में मनमानी का मुख्य कारण जन शिक्षा केंद्र ताला के जन शिक्षक ही हैं जो अप्रत्यक्ष रूप से कई समूह का संचालन कर रहे हैं जो कई विद्यालयों में अनुबंधित हैं और रसोइयों को जो सामान देते हैं उसी को बनाकर बच्चों को खिलाया जाता है जिससे देसी कहावत चरितार्थ हो रही है कि “बाड़ी ही खेत खा रही है” लेकिन बच्चों के लिए ऐसी महत्वाकांक्षी योजना में अगर जिम्मेदार ही पलीता लगाए तो पूरे तंत्र पर सवालिया निशान खड़ा होता है। अब देखना है जिला प्रशासन एवं खंड प्रशासन ऐसे गंभीर मामले में क्या जांच कार्यवाही करता है।
बॉक्स
व्यवस्थित तरीके से बैठा कर नहीं दिया जाता भोजन
जिम्मेदारों द्वारा सतत निगरानी न करने के कारण मध्यान्ह योजना में हर तरह से लापरवाही देखी जा रही है एक तरफ जहां निर्धारित मेनू को दरकिनार किया जाता है वहीं दूसरी तरफ बच्चों को मनमानी तरीके से भोजन करते देखा जाता है जहां साफ सफाई का भी ध्यान नहीं दिया जाता है। इतना ही नहीं रसोई घर से गैस सिलेंडर भी गायब है जिस कारण लकड़ी से भोजन बनाने के कारण रसोईया भी धुआं से परेशान रहती हैं।
इनका कहना हैं।
हमें मेनू की जानकारी नहीं है जो खाद्यान्न दिया जाता है उसी को बनाकर बच्चों को खिलाते हैं।रानी रावत, रसोइया माध्यमिक शाला ताला।
मध्यान भोजन मेनू के अनुसार बनना चाहिए अगर नहीं बनता है तो जांच कराई जाएगी और कार्यवाही प्रस्तावित की जाएगी। अयोध्या प्रसाद पटेल बीआरसीसी ताला।


Discover more from समाज जागरण

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

🛍️ Today’s Best Deals

(Advertisement)