कचरे में लगी आग और जहरीली गैस ने बनाया स्वास्थ्य संकट
वीरेंद्र चौहान / समाज जागरण ब्यूरो, किशनगंज
किशनगंज | 23 जनवरी 2026 – किशनगंज के मोतीबाग वार्ड नंबर 7 के निवासियों का जीवन अब असहनीय हो गया है। नगर परिषद द्वारा पूरे शहर का कचरा इसी इलाके में डंप किया जाता है और वर्षों से बार-बार आग लगने के कारण निकलने वाली जहरीली गैस ने स्थानीय लोगों के लिए सांस लेना मुश्किल कर दिया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि छोटे बच्चे, बुजुर्ग और अस्थमा रोगी घर में रहकर भी सांस लेने में असमर्थ हैं। कई घरों में खिड़कियां बंद रखी जाती हैं, फिर भी जहरीली हवा अंदर घुस जाती है। 2500 से अधिक लोग इस स्वास्थ्य संकट की चपेट में हैं।
कचरे में मरे हुए जानवर और अवशिष्ट पदार्थ वर्षों से जमा हैं, जिससे मक्खी और मच्छरों की संख्या बढ़ गई है। इस असहनीय स्थिति के कारण कई लोग सुरक्षित जीवन की तलाश में मोतीबाग छोड़ने को मजबूर हो गए हैं।
नगर परिषद अध्यक्ष का दावा है कि “यहां मशीन लगाई गई है और तीन वर्षों में काम हुआ है।” लेकिन वार्डवासियों का कहना है कि धरातल पर कोई सुधार नजर नहीं आता और कचरे के ढेर और बार-बार लगी आग ने नगर परिषद और प्रशासन के विकास के दावों की पोल खोल दी है।
वार्डवासियों ने कई बार नगर परिषद, जिला अधिकारी और प्रमंडल आयुक्त को आवेदन और शिकायतें दीं, लेकिन प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। विरोध करने पर कुछ लोगों के खिलाफ मुकदमे भी दर्ज किए गए।
एक स्थानीय निवासी ने कहा, “हमारी सांसें, हमारे बच्चे और बुजुर्ग, हमारी जिंदगी खतरे में हैं। प्रशासन के दावे सिर्फ कागजों तक सीमित हैं, धरातल पर कोई बदलाव नहीं।”
मोतीबाग की यह स्वास्थ्य और जीवन आपातकाल की स्थिति अब सीमा पार कर चुकी है। यदि तत्काल कदम नहीं उठाए गए, तो पूरे क्षेत्र में गंभीर स्वास्थ्य और पर्यावरणीय संकट उत्पन्न हो सकता है।




