पंकज कुमार पाठक,संवाददाता पदमा, दैनिक समाज जागरण
पदमा -प्रखंड क्षेत्र की सड़कों पर इन दिनों स्कूली बच्चों और नाबालिग किशोरों द्वारा बाइक, स्कूटी व अन्य दोपहिया वाहनों का चलन तेजी से बढ़ गया है। बिना लाइसेंस और बिना अनुभव के सड़क पर उतरने वाले ये अवयस्क किशोर न केवल तेज रफ्तार में वाहन दौड़ाते हैं, बल्कि ट्रिपल राइडिंग, बिना हेलमेट ड्राइविंग और अन्य यातायात नियमों की खुलेआम अनदेखी करते हैं। सड़क सुरक्षा से जुड़ी बुनियादी जानकारी का अभाव होने के कारण समस्या जितनी सामान्य दिखती है, उतनी गंभीर वास्तव में है।
शहरी क्षेत्रों में जहां यातायात विभाग की सक्रियता के कारण ऐसी तस्वीरें कम देखने को मिलती हैं, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासन की लापरवाही के चलते सड़कों पर नाबालिग ड्राइविंग का यह खतरनाक चलन आम हो चुका है। ग्रामीण सड़कों पर अक्सर अवयस्क बच्चे तेज रफ्तार में दोपहिया वाहन दौड़ाते दिखाई पड़ते हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार ऐसी लापरवाही के कारण दुर्घटनाएं होते-होते बची हैं, लेकिन उसके बाद भी न प्रशासन ने कोई ठोस कदम उठाया है और न ही सामाजिक संगठनों की ओर से जागरूकता की कोई सार्थक पहल हुई है।
क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से विशेष अभियान चलाकर नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने पर रोक लगाने, अभिभावकों को जिम्मेदार बनाने और स्कूलों में यातायात सुरक्षा शिक्षा को अनिवार्य करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो यह बढ़ती लापरवाही किसी भी दिन बड़े हादसे का कारण बन सकती है।




