जैतहरी – नगर परिषद जैतहरी आज कल लगातार सुर्खियों में बना हुआ है और नगरपरिषद के अध्यक्ष उमंग अनिल गुप्ता अधिकारियों पर दबाव बनाते हुए नियम कानून को ताक पर रख के निर्माण कार्य कराये जा रहे है जिसके चलते जैतहरी के धरोहर स्वरूप तालाबों का विघटन शुरू हो चुका है और अगर इसी तरह तालाबों पर निर्माण कार्य किये जाते रहे तो एक दिन जैतहरी तालाब विहीन हो जायेगा इस तरह बस स्टैंड के सामने बने तालाब की मेड़ पर निर्माणाधीन दुकानों की शिकायत स्थानीय निवासी अधिवक्ता विनय सिंह ने कलेक्टर से की थी, परंतु कार्रवाई न होने से अधिवक्ता ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की, जहां प्रारंभिक सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता जय शुक्ला ने पक्ष रखते हुए बताया कि खसरा नंबर- 335 (एस) की जमीन राजस्व रिकॉर्ड में सरकारी नाम पर दर्ज है।

याचिका में आरोप है कि नगर परिषद के द्वारा तालाब की मेड़ को ध्वस्त कर के वहां पर 5 दुकानों का निर्माण किया जा रहा है। जनहित याचिका पर राज्य सरकार व अन्य को नोटिस जारी करते हुए चीफ,जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच ने अंतरिम आदेश देते हुए निर्माण पर रोक लगा दी है। मामले पर अगली सुनवाई अक्टूबर माह के अंतिम सप्ताह में होगी।
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