मीरजापुर: सड़क मे गड्ढा या गड्ढे मे सड़क | 12 साल से नही बनी सड़क

12 साल से नहीं बनी सड़क बरसात में सड़के गड्डो मे तब्दील जनप्रतिनिधियों के वादे खोखला साबित* 

*सड़क में गड्ढा या गड्ढे में सड़क*

*रविंद्र सिंह* समाज जागरण*

राजगढ़ मीरजापुर / विकास खंड राजगढ़ क्षेत्र के बिसुनपुरा गांव की सड़क पूरी तरह से गढ्ढा में तब्दील हो गई है आने जाने के लिए कोई रास्ता नहीं बचा है। ग्रामीणों के अलावा स्कूली बच्चे भी इन्हीं गंदे पानी से होकर जाना पड़ रहा है।  गड्ढा युक्त सड़क इस गांव के लिए अभिशाप बनती जा रही है 12 साल बीत गए लेकिन किसी भी जन प्रतिनिधि ने इस गांव की सुध नहीं ली। कई बार ग्रामीणों ने जन प्रतिनिधियों के यहां शिकायत की लेकिन आश्वासन खोखला साबित होता जा रहा है।बिसुनपुरा के ग्रामीण राजबहादुर सिंह, गोविंद सिंह, गोलू सिंह, वंश नारायण सिंह, प्रवीण सिंह सुनील सिंह ने बताया कि 12 साल से सड़क न बनने से बरसात के दिनों में सबसे ज्यादा परेशानी ग्रामीणों के अलावा स्कूली बच्चों को हो रही है। स्कूली बच्चे पढ़े या गड्ढा में गिरकर घायल हो।सड़के पूरी तरह से गढ्ढा में तब्दील हो गई है।

इस गांव से होकर लोग सोनभद्र के लिए रवाना होते हैं।करकोली, सरगा, कर्मा, संपर्क मार्ग जहां पर स्कूली बस दूध की गाड़िया और निजी व्यापारियों की गाड़ियां ग्रामीण इलाकों में जाकर अन्य कार्य को कर रही है। पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों की इस सड़क पर कोई नजर नहीं पड़ रही है। यह गांव मिर्जापुर सोनभद्र स्टेट हाईवे से सटा हुआ है। यह मिर्जापुर जिले का अंतिम गांव है। और यह सोनभद्र बॉर्डर के पास पड़ता है। जिला मुख्यालय से इसकी दूरी लगभग 60 किलोमीटर के आसपास है। इस गांव की सड़क क्षतिग्रस्त होती जा रही है। लेकिन बनने का नाम नहीं ले रहा है।मीरजापुर जिले के मंत्री विधायक सांसद जनप्रतिनिधि के ध्यान न देने से यह गांव मुख्यालय से कटता जा रहा है। और यहां पर लोग जाना पसंद नहीं कर रहे हैं।क्योंकि सड़के क्षतिग्रस्त होने से जगह-जगह पानी जमा होने से आवागमन बाधित होता जा रहा है। ग्रामीण अखिलेश्वर,विजय बहादुर, गोपाल सिंह,विजय सिंह, अरुण सिंह, राम निरंजन ने बताया कि जब भी चुनाव आता है। जनप्रतिनिधि गांव में आकर गड्ढा मुक्त सड़क की बात करते हैं।चुनाव जीतने पर यह दिखाई नहीं देते हैं। 12 साल बीत गए लेकिन अभी तक यह सड़क नहीं बन पाई।जिससे सड़क का अस्तित्व ही खत्म हो गया है। सड़क गढ्ढा में पूरी तरह से तब्दील हो चुकी है। सड़क में गड्ढा या गड्ढे में सड़क अब आने वाली पीढ़ियों को सरकार की मंशा मालूम चले गड्ढा मुक्त सके केवल दिखावा साबित हो रही है। आए दिन यह स्लोगन पढ़ने को मिलता है सरकार का संकल्प सड़कों का हो कायाकल्प। बिसुनपुरा गांव के लिए खोखला साबित हो रहा है। इस संबंध में जब पूर्व मंत्री एवं मड़िहान विधायक रमाशंकर सिंह से बात हुई तो उन्होंने कहा कि बरसात खत्म होने के बाद सड़क का निर्माण कराया जाएगा।

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