
दैनिक समाज जागरण
बेलहर संवाददाता सदानंद पंडित
चार दिवसीय लोक महा आस्था का पर्व नहाय खाय के साथ प्रारंभ शुक्रवार से हो रही है जिसमें प्रथम दिन में सभी प्रकार की उपयोग होने वहीं और ब्रती अपनी पर्व की शुरुआत की है।
*पहला दिन-नहाए खाए*
इस साल छठ पर्व का शुभारंभ बीते 28 अक्टूबर को नहाए-खाए के प्रारंभ होगा। नहाए खाए छठ पूजा का पहला दिन होता है। इसमें सुबह-सुबह घर की साफ-सफाई करते हुए स्नान करके मन में पूजा और व्रत का संकल्प लेते हुए शाकाहारी भोजन किया जाता है।
*दूसरा दिन- खरना*
खरना छठ पर्व का दूसरा दिन होता है। खरना के दिन पर जो व्रत रखता है उस दिन वह बिना जल की ग्रहण किए व्रत रखा जाता है। शाम के समय खरना में गुड़ की खीर, रोटी के घी और फल आदि को प्रसाद के रूप में बांटा जाता है।
*तीसरा दिन- संध्या का अर्घ्य*
तीसरा दिन छठ पर्व का मुख्य दिन होता है। इसमें षष्ठी तिथि पर शाम के समय सूर्यदेव को अर्ध्य दिया जाता जाता है। सूर्य को अर्घ्य देने से पहले नदियों के किनारे लोग एकत्रित होकर बांस की टोकरी में फल, ठेकुआ, लड्डू और अन्य पूजन सामग्री को सूप में सजाया जाता है। व्रती छठी माई की पूजा करती हैं और सूर्य को अर्घ्य देते हुए अपने परिवार के सुख समृद्धि की कामना करती है।
*चौथा दिन- ऊषा अर्घ्य*
चौथे दिन उगते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है। छठी माई को याद करते हुए माताएं अपने परिवार की सुख और समृद्धि का वर मांगती है और प्रसाद खाकर व्रत का पारण करते हैं।
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