
दैनिक समाज जागरण ,सत्य प्रकाश नारायण जिला संवाददात्ता
औरंगाबाद (बिहार)
औरंगाबाद (बिहार) 27 अक्टूबर 2022 :- पौराणिक कथा के अनुसार, कार्तिक शुक्ल द्वितीय तिथि को यमुना ने अपने भाई यमराज की लंबी उम्र के लिए व्रत रखा था और उन्हें अन्नकूट का भोजन कराया था. इससे यम ने प्रसन्न होकर उसे वरदान दिया कि इस दिन जो भी भाई-बहन एकसाथ यमुना नदी में स्नान करेगें, उन्हें मुक्ति प्राप्त होगा और जो बहन के घर भैया दूज के दिन बहन के हाँथ से अन्न खायेगा उसके भाई का उम्र लंबें होगें और उसका भाई दीर्घायु होगा।
बतातें चलें कि कार्तिक शुक्ल पक्ष द्वितीय तिथि बुधवार एवं गुरुवार को रहने के कारण भैया दूज का पर्व दोनों दिन मनाया गया, उदया तिथि में कार्तिक शुक्ल पक्ष का द्वितीय तिथि गुरुवार को रहने के कारण भैया दूज का पर्व हर्षोल्लास के साथ आज अधिकांश लोग भैया दूज का पर्व मना रहे हैं। भैया दूज का यह पर्व बुधवार को 2:43 से शुरू होकर गुरुवार को 1:18 तक रहेगा । शास्त्रों के अनुसार भाई दूज के दिन यमराज (यमदूत) और चित्रगुप्त की पूजा होती है ।.यह पर्व बहन अपने भाइयों के लंबी उम्र के लिए करती है और बहाने अपने भाइयों के तिलक लगाकर अंकूट का भोजन अपने घर अपने हाँथों से कराती हैं. और अपने भाई की लंबी उम्र की कामना करती हैं। वहीं भाई अपनी बहनों के पैर छूकर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं और अपने बहन को यथा संभव दक्षिणा देकर प्रसंद करती हैं ऐसी मान्यता है ।



