समाज जागरण नालंदा(ए. स.)
नालंदा _नेपाल के लुंबिनी बौद्ध विश्वविद्यालय ने नालंदा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.सुनैना सिंह को अपने दूसरे दीक्षांत समारोह को संबोधित करने के लिए आमंत्रित किया था। अपने यात्रा के दौरान कुलपति प्रो.सुनैना सिंह ने नेपाल के प्रधान मंत्री, श्री शेर बहादुर देउबा, जो लुंबिनी बौद्ध विश्वविद्यालय के कुलाधिपति भी हैं, के साथ माध्यम से दोनों देशों के सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने के लिए चर्चा की। उन्होंने ने और नेपाल सरकार के शिक्षा मंत्री श्री देवेंद्र पौडेल शिक्षा के के साथ भी भेंट-वार्ता की।
दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए प्रो. सिंह ने इस बात पर प्रकाश डाला कि भारत और नेपाल ऐसे दो एशियाई देश हैं जिनका बुद्ध के जीवन से सीधा संबंध है। उन्होंने आने वाली पीढ़ियों के लिए नेपाल और भारत की साझी सांस्कृतिक विरासत, जीवन मूल्यों को समृद्ध करने के लिए इन दोनों देशों की सामूहिक जिम्मेदारी पर जोर दिया।
कुलपति प्रो. सिंह ने नालंदा विश्वविद्यालय और लुंबिनी बौद्ध विश्वविद्यालय के बीच अकादमिक सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन (मेमरैन्डम ऑफ अन्डर्स्टैन्डिंग) पर भी हस्ताक्षर किया। नालंदा विश्वविद्यालय और लुंबिनी बौद्ध विश्वविद्यालय ने आपसी शैक्षणिक सहयोग और शिक्षा और अनुसंधान के माध्यम से दोनों देशों द्वारा साझा किए गए सभ्यतागत और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।
नेपाल सरकार द्वारा स्थापित, लुंबिनी बौद्ध विश्वविद्यालय भगवान बुद्ध के जन्मस्थान के समीप नेपाल के रूपन्देही जिले में स्थित है। लुंबिनी बौद्ध विश्वविद्यालय की स्थापना का उद्देश्य बौद्ध मूल्यों के माध्यम से वैश्विक शिक्षा को समृद्ध करने और विश्व शांति को बढ़ावा देना है।
नालंदा विश्वविद्यालय भविष्य के एक विश्वविद्यालय के रूप में विकसित हो रहा है, जो एक मजबूत शैक्षणिक नींव और बुनियादी ढांचे को स्थापित करने में महत्वपूर्ण पहल कर रहा है। कुलपति के दूरदर्शी नेतृत्व में, विश्वविद्यालय खोई हुई ज्ञान परंपराओं को पुनः प्राप्त कर रहा है और दुनिया के विभिन्न हिस्सों से छात्रों को आकर्षित करते हुए उत्कृष्टता के केंद्र के रूप में उभर रहा है
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