उमरिया में आयोजक मंडल पर भारी कमीशन और अव्यवस्था के सवाल, देशभर के खिलाड़ी परेशान
उमरिया मध्यप्रदेश, 02 दिसंबर 2025: उमरिया जिले में आयोजित राष्ट्रीय शालेय फुटबॉल प्रतियोगिता में आयोजन समिति और शिक्षा विभाग के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रतियोगिता के लिए देशभर से लगभग 700 खिलाड़ी लोढ़ा स्थित क्रीड़ा परिसर में ठहरे हुए हैं, जहां उन्हें सुबह, दोपहर और रात का भोजन मेस के माध्यम से उपलब्ध कराया जा रहा है।
लेकिन मेस द्वारा उपलब्ध कराई जा रही खाद्य सामग्री घटिया क्वालिटी की पाई गई। स्वास्थ्य विभाग के फ़ूड अधिकारी ने निरीक्षण के दौरान नमक, तेल, सूजी, मूंगफली सहित अन्य सामग्री को तत्काल हटाने और अच्छी क्वालिटी की सामग्री प्रयोग करने के निर्देश दिए।
🔹 आयोजन और वित्तीय अव्यवस्था
- प्रतियोगिता में भोजन व्यवस्था पर लगभग 15 लाख रुपये खर्च होने हैं।
- आयोजक मंडल ने बगैर टेंडर जबलपुर से मेस बुलाया, जबकि शासन के नियमों के अनुसार एक लाख से अधिक के कार्य बगैर टेंडर नहीं कराए जा सकते।
- टेंडर न निकलने के कारण स्थानीय लोगों को रोजगार का अवसर नहीं मिला।
- हमेशा एक ही मेस को काम देना आयोजक मंडल की निष्पक्षता पर सवाल उठाता है।
🔹 अधिकारियों की भूमिका
- प्रतियोगिता के नोडल अधिकारी: अभय जिला पंचायत के सीईओ अभय सिंह ओहरिया
- जिला शिक्षा अधिकारी: आरएस मरावी ने मामले में कोई जानकारी देने से इनकार किया।
आयोजन में अव्यवस्था, भोजन व्यवस्था की गड़बड़ियां और नियमों के उल्लंघन से आयोजक मंडल की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।
🔹 खिलाड़ी और जनता की प्रतिक्रिया
- खिलाड़ियों ने कहा कि घटिया भोजन और अव्यवस्था से प्रतियोगिता में परेशानी हो रही है।
- इससे उमरिया जिले की छवि पर भी असर पड़ सकता है।
- पिछले आयोजनों में भी बाहर से आए खिलाड़ियों ने समय पर भोजन न मिलने की शिकायतें की थीं।



