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नेचरोपेथिक डॉक्टर ने विश्व हेपेटाइटिस व विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस मनाया



*दैनिक समाज जागरण अखिलेश सिंह ब्यूरो हरदोई*
हरदोई।’विश्व हेपेटाइटिस दिवस’ तथा ‘विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस’ २८ जुलाई को मनाते हैं।
शहीद उद्यान स्थित कायाकल्पकेन्द्रम् के संस्थापक व सीनियर नेचरोपैथ डॉ० राजेश मिश्र ने गुरुवार को बताया कि प्रकृति की ओर ध्यान न देने के कारण ही आज हेपिटाइटिस जैसी बीमारियां लोगों को अपनी चपेट में ले रही हैं। कहा प्रकृति के नियमों का पालन न करने से वह दण्डित कर रही है। उन्होंने कहा हमें अपना आहार-विहार प्राकृतिक करना होगा। जीवनशैली ठीक करनी होगी, तभी हम इस प्रकार की बीमारियों से बच सकते हैं।
कहा लगातार गम्भीर हो रही इस बीमारी को देखते हुए ‘विश्व स्वास्थ्य संगठन’ ने वर्ष २०३० तक इसे खत्म करने का लक्ष्य रखा है। यही वजह है कि इस बीमारी को लेकर लोगों को जागरुक किया जा रहा है, क्योंकि जानकारी के अभाव में अधिकतर लोग इस बीमारी के लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं।
डॉक्टर मिश्र ने बताया कि इस वर्ष की थीम है, ‘आई कांट वेट’। इस थीम का उद्देश्य यही है कि अब बैठकर इंतजार नहीं करना है बल्कि २०३० तक इस बीमारी को जड़ से उखाड़ फेंकना है।
डॉक्टर मिश्र ने कहा कि ‘विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस’ भी ‘प्लास्टिक के उपयोग में कटौती’ (कट डाउन ऑन प्लास्टिक यूज) थीम के साथ मनाया जा रहा है। श्री मिश्र ने कहा कि हम अपनी गतिविधियों को प्रकृति के अनुकूल कर दें तो सारी समस्याएं अपने आप ही सुलझ जायेंगी। उन्होंने कहा कि एक जुलाई को पॉलीथीन के विरुद्ध अभियान चलाया गया लेकिन पन्द्रह दिन भी नहीं बीते, पॉलीथीन का अन्धाधुन्ध उपयोग होने लगा। कहा ऐसे दिवसों पर हम बोलते तो हैं लेकिन करते नहीं। कहा पहले करो, फिर बोलो। वैसे बोलने की आवश्यकता ही नहीं है। काम स्वयं बोलेगा।


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