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नबीनगर मे अस्ताचलगामी सूर्य को दिया गया अर्घ्य दान*


दैनिक समाज जागरण अनील कुमार संवाददाता नबीनगर (औरंगाबाद)

नबीनगर (बिहार) 19 नवंबर 2023 रविवार को नबीनगर मे बिहार का लोकप्रिय लोक आस्था का महा पर्व छठ व्रत के अवसर पर काफी धूम रहा।पुनपुन तट पर छठ व्रतियों ने अस्ताचलगामी भगवान भास्कर को छठ व्रत के तीसरे दिन अर्घ्य दान दिया। इस प्रकार 36 घंटे का निर्जला छठ व्रत का आज दूसरे दिन संपन्न हुआ और कल उगते हुए सूर्य को अर्घ्य दान कर पारन के बाद चार दिवसीय लोक आस्था का महा पर्व का समापन हो जायेगा।।छठ का त्योहार की पर्व ही नहीं अपितु एक प्राकृतिक पूजा भी है।इस व्रत मे प्रसाद के रूप मे गेहूं के आंटे और गुड़ से बने ठेकुआं,नारियल ,मौसमी फल के अतिरिल कच्ची हल्दी, अदरख, मूली एवम अन्य मौसमी प्राकृतिक फल के साथ बांस से बने सुप मे रखकर भगवान भास्कर को अर्घ्य देने का विधान है साथ ही ईख का मंडप सजाया जाता है। मुख्यतः यह पर्व बिहार राज्य मे काफी धूमधाम से मनाया जाता है लेकिन अब यह पर्व देश के प्रत्येक भागों मे मनाया जाने लगा ।इसके अतिरिक्त विदेशों मे बसे भारतीय भी पूरे विधि विधान से छठ पर्व को मनाते है।
छठ पर्व साल मे दो बार आयोजन किया जाता है एक आश्विन मास मे और एक चैत्र मास में जिसे चैती छठ कहा जाता है।दोनो व्रत करने का विधान एक ही है।छठ व्रत का संबंध त्रेता युग से ही है।मान्यताओं के अनुसार इस व्रत को माता सीता ने राम लक्ष्मण सहित वनवास समाप्त होने पर पहली बार की थी।लोक कथाओं के अनुसार महाभारत काल मे द्रोपदी ने भी इस व्रत को मन्नत पूरी होने के लिए की थी।मान्यता है कि इस व्रत को करने से छठी मईया मनोकामना पूरी करती है।


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