देवहट ग्राम पंचायत में विकास के नाम पर घोटाले की गूंज, प्रधान पर लगे गंभीर आरोप
दैनिक समाज जागरण
संवाददाता – ड्रमंडगंज (मीरजापुर) हलिया विकासखंड के माडल ग्राम पंचायत देवहट की स्थिति दिन-ब-दिन बदहाल होती जा रही है। गांव के गड़बड़ा रोड तिराहे पर वर्षों से जलजमाव की समस्या बनी हुई है। नाले का गंदा पानी हमेशा सड़क पर फैला रहता है, जिससे लोगों को आने-जाने में भारी परेशानी होती है। स्थानीय ग्रामीण सवाल कर रहे हैं कि इस गंदगी और दुर्गंध के लिए आखिर जिम्मेदार कौन है?
ग्राम पंचायत देवहट के प्रधान कौशलेन्द्र कुमार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लग रहे हैं। शिक्षामित्र से प्रधान बने कौशलेन्द्र कुमार का कार्यकाल समाप्ति की ओर है, लेकिन गांव की समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। आरोप है कि जून 2021 से मार्च 2025 तक करीब 50 लाख रुपए की वित्तीय अनियमितताएं की गईं। ग्रामीणों का कहना है कि यह राशि विकास कार्यों के नाम पर हड़प ली गई है।
मित्रों और रिश्तेदारों को लाभ
गांव के लोगों का आरोप है कि ग्राम प्रधान ने अपने स्वजातीय बंधुओं, परिजनों और मित्रों के नाम पर फर्जी मजदूरी और पेमेंट करवा कर सरकारी धन का दुरुपयोग किया है। मनरेगा मजदूरी में ऐसे कई नाम शामिल हैं, जिन्होंने कभी कोई कार्य ही नहीं किया। यहां तक कि ग्राम प्रधान के भतीजे, जो कि एक छात्र है, उसके नाम पर भी मजदूरी भुगतान करवा दिया गया।
फर्जी नाली सफाई और दोहरा भुगतान
नाली सफाई के नाम पर भी लाखों रुपये का भुगतान हुआ, जबकि काम या तो आधा-अधूरा है या फिर दिखावे के लिए किया गया। एक ही कार्य को दो बार दिखाकर भुगतान लेने का आरोप भी सामने आया है, जिसमें ग्राम पंचायत सचिव सौरभ यादव की संलिप्तता भी बताई जा रही है।
जांच की उठी मांग
बुद्धिजीवियों का कहना है कि ग्राम प्रधान लोगों का ध्यान भटकाने के लिए हाल ही में एक कूड़ा उठाने वाली गाड़ी चलवा रहे हैं, जिसमें चालक के रूप में उनके ही एक और भतीजे गोपाल को नियुक्त किया गया है। आरोप है कि इस नाम पर भी एक लाख रुपए से अधिक का भुगतान किया गया है।
ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि जून 2021 से मार्च 2025 तक का पूरा लेखा-जोखा सार्वजनिक किया जाए और स्वतंत्र जांच कराकर दोषियों पर कठोर कार्रवाई हो।



