नोएडा। 14 अक्टूबर 2025 को दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में वायु गुणवत्ता सूचकांक “खराब” श्रेणी में पहुँचने के बाद नोएडा में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (जीआरएपी) लागू कर दिया गया है।
7 नवंबर 2025 को नोएडा प्राधिकरण की 14 टीमों ने 73 स्थलों का निरीक्षण किया। इस दौरान नागरिकों को जीआरएपी दिशानिर्देशों और एनजीटी नियमों का पालन करने के लिए जागरूक किया गया।
वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए प्रमुख कार्य
56 टैंकरों द्वारा 179 किलोमीटर मुख्य मार्गों पर शोधित जल का छिड़काव

14 मशीनों से 340 किलोमीटर सड़कों की सफाई
24 टैंकरों से सेंट्रल वर्ज पर पौधों की धुलाई
91 एंटी स्मॉग गन और 10 ट्रक माउंटेड एंटी स्मॉग गन से निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण
528 टन से अधिक निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट का उठान और निस्तारण
नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई
जीआरएपी और एनजीटी नियमों के उल्लंघन पर कई निर्माण स्थलों पर ग्रीन नेट, पानी का छिड़काव, मेट्रो शीट और ग्रीन कारपेट की व्यवस्था न होने पर ₹5,000 का जुर्माना लगाया गया।
नोएडा प्राधिकरण ने कहा है कि वह वायु गुणवत्ता सुधार के लिए प्रतिबद्ध है और इसमें जनसहयोग जरूरी है।
(स्रोत: नोएडा प्राधिकरण)



