गौर सिटी चार मूर्ति के पास संगम ओयो होटल में पत्रकारों ने किया स्टिंग ऑपरेशन, 400 से 500 कंडोम पैकेट मिलने का दावा; कथित नेटवर्क और संभावित मानव तस्करी के पहलुओं की जांच की मांग
ग्राउंड रिपोर्ट: रविंद्र आर्य
ग्रेटर नोएडा, 04 नवंबर। गौतमबुद्ध नगर के बिसरख थाना क्षेत्र में गौर सिटी चार मूर्ति के समीप यूसुफपुर सवेरी, ओल्ड हेबतपुर स्थित संगम ओयो होटल में कथित देह व्यापार गतिविधियों को लेकर मामला सामने आया है। पत्रकारों द्वारा किए गए स्टिंग ऑपरेशन और पुलिस को दी गई सूचना के बाद पुलिस ने मौके पर कार्रवाई करते हुए सुमित नामक व्यक्ति को हिरासत में लिया। वहीं, मामले में मुख्य आरोपी बताए जा रहे राहुल के फरार होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस अब कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
पत्रकारों के स्टिंग ऑपरेशन में सामने आए कथित आरोप
पत्रकारों के अनुसार, होटल में संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने मौके पर पहुंचकर स्टिंग ऑपरेशन किया। इस दौरान बनाए गए वीडियो में कथित तौर पर राहुल और सुमित को लड़कियों की उपलब्धता, उनके आने का समय, ग्राहकों से लिए जाने वाले पैसे और रेट को लेकर बातचीत करते हुए रिकॉर्ड किए जाने का दावा किया गया है।

पत्रकारों का कहना है कि वीडियो में कथित नेटवर्क के संचालन से जुड़ी कई महत्वपूर्ण बातें सामने आई हैं। हालांकि, इन वीडियो की सत्यता और उनमें दर्ज बातचीत की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
सुमित ने राहुल को बताया कथित बॉस
पत्रकारों का दावा है कि सुमित को पुलिस के हवाले किए जाने से पहले बनाए गए वीडियो में उसने राहुल को अपना बॉस और मालिक बताया। कथित तौर पर उसने कहा कि पैसों का लेन-देन राहुल ही करता है और वह स्वयं केवल उसके निर्देश पर काम करता है।
हालांकि, सुमित के बताए गए कथित बयान की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस जांच में ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इस मामले में राहुल और अन्य लोगों की वास्तविक भूमिका क्या थी।
बैग से 400 से 500 कंडोम पैकेट मिलने का दावा
पत्रकारों और मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, सुमित के बैग से लगभग 400 से 500 ब्रांडेड कंडोम पैकेट मिलने का दावा किया गया है। इसके अलावा व्हिस्पर सहित अन्य सैनिटरी सामग्री और महिलाओं के उपयोग से जुड़े सामान भी दिखाई देने की बात कही गई है।

हालांकि, बरामद सामग्री की वास्तविक संख्या और पुलिस द्वारा तैयार की गई जब्ती सूची की आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।
सात पत्रकारों ने मौके पर पहुंचकर पुलिस को दी सूचना
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, 3 नवंबर को करीब सात पत्रकार मौके पर मौजूद थे। पत्रकारों ने होटल में संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिलने पर डायल 112 पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी। इसके बाद स्थानीय पुलिस और महिला थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची।
पत्रकारों का आरोप है कि इसी दौरान राहुल यूपी14एचई6504 नंबर की मारुति सुजुकी ग्रैंड विटारा कार से होटल से बाहर निकल गया। इसके बाद होटल से कुछ युवतियों को अलग-अलग बाहर भेजे जाने का भी दावा किया गया है।
पत्रकारों के अनुसार, अंत में सुमित बैग लेकर चेहरा छिपाते हुए होटल से निकलने का प्रयास कर रहा था। उसे रोककर पुलिस के हवाले कर दिया गया।
अवैध गतिविधियां मिलने पर होटल पर भी होगी कार्रवाई
थाना बिसरख प्रभारी ने कथित अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों और दलालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की बात कही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि संगम ओयो होटल में नियमों के विरुद्ध गतिविधियां संचालित होने की पुष्टि होती है तो होटल के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाई गई शिकायत
पत्रकारों के मुताबिक, मामले की जानकारी उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय, लखनऊ स्थित पुलिस महानिदेशक कार्यालय, गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर के पुलिस कमिश्नर तथा संबंधित अधिकारियों को भी भेजी गई है।
पत्रकारों ने मांग की है कि जांच केवल होटल तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। कथित नेटवर्क से जुड़े लोगों, होटल की बुकिंग व्यवस्था, पैसों के लेन-देन और संभावित मानव तस्करी के पहलुओं की भी जांच होनी चाहिए।
इस पूरे घटनाक्रम में स्थानीय युवक सौरव की सूचना भी महत्वपूर्ण बताई जा रही है। पत्रकारों के अनुसार, सौरव से जानकारी मिलने के बाद वे मौके पर पहुंचे और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना पुलिस को दी।
इस कार्रवाई के दौरान पत्रकार महेंद्र शर्मा, पुष्पेंद्र राघव, सुशील मौर्य, ऋषि अग्निहोत्री, अनेक सिंह, मनोज ठाकुर एवं रविंद्र आर्य मौजूद रहे।
ओयो होटलों की बुकिंग व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटनाक्रम के बाद गौर सिटी चार मूर्ति और आसपास संचालित ओयो होटलों की गतिविधियों तथा उनकी बुकिंग व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय स्तर पर यह मांग भी उठ रही है कि ऐसे होटलों की नियमित जांच की जाए और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो।
फिलहाल मामले में पुलिस जांच जारी है। स्टिंग ऑपरेशन के वीडियो, कथित बयानों, बरामद सामग्री और अन्य साक्ष्यों की जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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