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नोएडा सेक्टर-150 हादसा: इंजीनियर की मौत पर सीएम योगी सख्त, SIT गठित

कार की छत पर बैठकर 2 घंटे तक मदद मांगता रहा युवक, नहीं बचा सका प्रशासनिक अमला; जांच को 3 सदस्यीय SIT गठित

नोएडा। नोएडा मे हुए कार हादसे को लेकर अब बड़ा अपडेट मिल रहा है। इस हादसे पर अब प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लिया है। घटना के जांच के लिए 3 सदस्यी एसआईटी का गठन किया गया है। जो कि 5 दिनों के भीतर हादसे की जांच कर मुख्यमंत्री को रिपोर्ट सौपेगी।

बताते चले कि नोएडा सेक्टर 150 मे माल बनाने के लिए खोदे गए गड्ढे मे डुबकर एक 27 वर्षीय साफ्टवेयर इंजिनियर का दर्दनाक मौत हो गया। जो न सिर्फ प्राधिकरण और प्रशासन के लापरवाही का पोल खोल दिया है बल्कि मानवता को भी झकझोर कर रख दिया है। बताया जा रहा है कि युवक अपनी कार के नाले/जलभराव में फंस जाने के बाद करीब दो घंटे तक कार की छत पर बैठकर मदद की गुहार लगाता रहा, लेकिन मौके से गुजरने वाले लोग तमाशबीन बने रहे और समय पर कोई मदद नहीं मिल सकी।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचा प्रशासनिक अमला भी युवक को सुरक्षित बाहर निकालने में असफल रहा, जिसके बाद युवक की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है और सवाल उठ रहे हैं कि आखिर स्मार्ट सिटी नोएडा में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम क्यों नहीं थे और आपदा प्रबंधन व्यवस्था क्यों नाकाम रही।

सीएम योगी ने लिया संज्ञान, SIT गठित

मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना का संज्ञान लिया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए 3 सदस्यीय विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया है।

ADG जोन मेरठ के नेतृत्व में होगी जांच

गठित SIT का नेतृत्व ADG जोन मेरठ करेंगे। टीम में उनके साथ मंडलायुक्त मेरठ और लोक निर्माण विभाग (PWD) के चीफ इंजीनियर को भी शामिल किया गया है। SIT को निर्देश दिए गए हैं कि वह घटना से जुड़े सभी पहलुओं—प्रशासनिक, तकनीकी और सुरक्षा व्यवस्था—की गहन जांच करे।

5 दिन में सीएम को सौंपी जाएगी रिपोर्ट

मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से स्पष्ट किया गया है कि SIT 5 दिनों के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपेगी। रिपोर्ट के आधार पर दोषी अधिकारियों, कर्मचारियों या संबंधित एजेंसियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

इस घटना ने एक बार फिर शहरी सुरक्षा, जल निकासी व्यवस्था और आपदा प्रबंधन पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। अब सबकी निगाहें SIT की रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे यह साफ हो सके कि इस दर्दनाक मौत का जिम्मेदार कौन है।


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