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नोए़डा सेक्टर2 वेंडिंग जोन अतिक्रमण: लाइसेंसी वेंडर पर चाबुक, अवैध वेंडर से प्यार।

नोएडा प्राधिकरण के वर्क सर्किल आफिसर, सुपरवाइजर और वेंडिंग माफियाओं के कारण नोएडा के विभिन्न सेक्टरों में स्थापित वेंडिग जोन में व्यवसाय करने वाले वेंडर को किराया चुकाना भारी पड़ रहा है वही अवैध वैंडर जोन के दोनों तरफ कब्जा करके मलाई चाटने में लगा है। वेंडिंग जोन के दोनो तरफ हुए अवैध अतिक्रमण से जहाँ एक तरफ नोएडा प्राधिकरण के स्मार्ट सिटी नोएडा होने का दावा को खोखला साबित करता है वही दूसरी तरफ वो वेंडर है जिन्हे जोन में दुकान लगाने के लिए हर माह निर्धारित किराया प्राधिकरण में जमा कराना होता है। आखिर जिसने लाइसेंस लिया हुआ है और जो लोगों किराया दे रहे प्राधिकरण उस पर तो चाबुक बरसाती है लेकिन अवैध वेंडर से उसको इतना प्यार है कोने कोने पर चार-चार मीटर के दुकान लगवाते है।

अब जबकि वेंडिंग जोन और जोन के दोनो तरफ प्राधिकरण और वेंडिंग माफिया के सह पर अवैध अतिक्रमण है तो वेंडर का सवाल भी वाजिब है कि आखिर हम किराया क्यों दे ? जोन के आस-पास और दोनों तरफ अवैध वेंडर के होने से ग्राहक जोन तक पहुुँंचता ही नही है। अगर ग्राहक पहुँचता ही नही है तो समान किसे बेचेंगे और किराया कहाँ से निकालेंगे। वेंडर का कहना है कि हम लोगों से अच्छा तो अवैध वेंडर ही है जो प्राधिकरण वालों को कुछ दे लेकर कोने पर खड़े हो जाते है।

नोएडा सेक्टर 2 वेंडिंग जोन में कार्य करने वाले वेंडर नें बताया कि हम लोग 1800 रुपये मासिक किराया दे रहे है। प्राधिकरण को नही देने पर हम लोगों को हटाने आ जाते है। लेकिन यहाँ पह जितने लोग प्राधिकरण के द्वारा लाइसेंस दिये गए वेंडर उससे कही ज्यादा बिना लाइसेंस वाले है जिनकों कोई किराया नही देना पड़ता है लेकिन अपने मनमर्जी के जगह पर दुकान लगाते है। यहाँ तक तो ग्राहक पहुँचने ही नही है। इसलिए अब हम लोग भी किराया नही देंगे।

बताते चले कि नोएडा के किसी भी वेंडिंग जोन में आप चले जाइये तो आपको वेंडिंग जोन से ज्यादा वेंडर बिना जोन के मिलेंगे जो कि वेंडिंग जोन को दोनों तरफ से घेर रखा है। जिसके कारण ग्राहक जोन तक पहुँचता ही नही है। जाहिर है कि जब वेंडर जोन तक पहुँचेगा नही तो उनका दुकानदारी नही होगा। यही कारण है कि ज्यादातर वेंडर वेंडिंग जोन मे जाने के बजाय कुछ दे लेकर सेक्टर के प्राइम लोकेशन में ही रहना चाहता है।

नोएडा में प्राधिकरण के लाख कोशिशों के बावजूद नोएडा में वेंडर को व्यवस्थित नही किया जा सका है। इसका प्रमुख कारण जहाँ झुग्गी वही मकान और जहाँ ठेली वही दुकान भी है। वेंडर और वेडिंग जोन की समस्या लगातार बढ़ते ही जा रही है। नेता, पुलिस और प्रशासन की मदद से पहले शहर के किसी हिस्से में ठेली पटरी लगवाये जाते है फिर प्राधिकरण कार्यवाही करने के नाम पर उसका ठेली उठाती है और वेंडर माफिया धरना प्रदर्शन करते है या वेंडर को लेकर कोर्ट पहुँच जाते है।

जहाँ प्राधिकरण के लचर कानूनगो के कमजोर दलील के कारण माननीय न्यायालय ठेली को व्यवस्थित करने के लिए प्राधिकरण को आदेश देती है। यही कारण है कि वेंडर आज कल प्राधिकरण के लाइसेंस और अपना आधार कार्ड दिखाने से पहले कोर्ट के आदेश दिखाते हुए नजर आते है। बताते चले कि नोएडा में वेंडिंंग जोन में दुकान किराये पर लगाकर स्वयं वेंडर दूसरी जगह अपना दुकान लगाते है यही हाल साप्ताहिक और पैठ बाजार में भी है।


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