गौतमबुद्ध नगर (नोएडा), 14 अप्रैल 2026
Noida में चल रहे श्रमिक विरोध प्रदर्शन के बीच उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से बड़ा बयान सामने आया है। प्रमुख सचिव (श्रम) M.K.S. सुंदरम ने कहा कि सरकार सभी पक्षों के हितों को ध्यान में रखते हुए संतुलित समाधान निकालने की दिशा में काम कर रही है।

उन्होंने बताया कि समिति की बैठक बीते दिन शाम को हुई, जिसके बाद श्रमिक प्रतिनिधियों और उद्योगपतियों दोनों के साथ अलग-अलग चर्चा की गई। लगभग 20 से 22 श्रमिक प्रतिनिधियों ने अपनी समस्याएं और मांगें समिति के समक्ष रखीं।
उद्योगों ने जताई आर्थिक चुनौतियां
बैठक में उद्योग प्रतिनिधियों ने बताया कि कच्चे माल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है और पश्चिम एशिया में चल रहे संकट के कारण निर्यात संबंधी दायित्वों को पूरा करने में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अंतरराष्ट्रीय स्थिति सामान्य होने पर हालात बेहतर होंगे।
दो घंटे की मैराथन बैठक में हुआ मंथन
प्रमुख सचिव ने कहा कि सभी पक्षों की बात सुनने के बाद करीब दो घंटे तक विस्तृत विचार-विमर्श किया गया, ताकि एक संतुलित निर्णय लिया जा सके। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश हैं कि समिति सभी हितधारकों को ध्यान में रखते हुए कार्य करे।
CPI के आधार पर मजदूरी का आकलन
सरकार ने बताया कि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI), जो लेबर ब्यूरो द्वारा निर्धारित किया जाता है, के आधार पर मजदूरी का आकलन किया गया है। नोएडा का CPI गुरुग्राम की तुलना में कम पाया गया, जिसके आधार पर निर्णय लिया गया।
- गुरुग्राम में मजदूरी में 35% वृद्धि की गई है
- नोएडा में 21% वृद्धि तय की गई है
राज्य स्तरीय बदलाव
अधिकारियों ने यह भी बताया कि पहले पूरे उत्तर प्रदेश में एक समान न्यूनतम मजदूरी लागू होती थी, लेकिन अब इसे बदलकर तीन अलग-अलग वेतन श्रेणियों में विभाजित किया गया है।
सरकार ने कहा कि यह बदलाव क्षेत्रीय आर्थिक परिस्थितियों और महंगाई के स्तर को ध्यान में रखकर किया गया है, ताकि श्रमिकों और उद्योगों दोनों के हितों में संतुलन बनाया जा सके।
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