नंबर प्लेट अभियान कागज़ों तक सीमित, सड़कों पर नियमों की खुलेआम धज्जियां

बिना नंबर प्लेट दौड़ रहीं खटारा बसें, स्कूल बसें और एंबुलेंस तक बेखौफ

अनूपपुर।
जिले में सड़क सुरक्षा को लेकर पुलिस अधीक्षक मोती उर रहमान के निर्देशों के बाद जहां कई स्तरों पर सख्ती देखने को मिल रही है, वहीं यातायात विभाग की जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल विपरीत नजर आ रही है। सड़कों पर आज भी बिना नंबर प्लेट वाहन धड़ल्ले से दौड़ रहे हैं, जिनमें खटारा यात्री बसें, स्कूल बसें और यहां तक कि एंबुलेंस तक शामिल हैं।

स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि यह स्थिति यातायात प्रभारी विनोद दुबे के कार्यकाल में और अधिक बिगड़ी है। लोगों का कहना है कि नियमों के पालन के बजाय केवल दिखावटी कार्रवाई की जा रही है। यहां तक कि प्रचार के लिए उपयोग की जाने वाली तस्वीरें भी वास्तविक न होकर कथित तौर पर बनावटी बताई जा रही हैं। आरोप है कि मूल फोटो तक उपलब्ध नहीं कराई जाती, बल्कि झूठी और हवाई उपलब्धियों के जरिए वरिष्ठ अधिकारियों को गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा है।

सबसे गंभीर चिंता का विषय यह है कि स्कूली बच्चों को ले जाने वाली बसें और जीवनरक्षक एंबुलेंस तक बिना पहचान के सड़कों पर चल रही हैं, जिससे किसी भी आपात स्थिति में जवाबदेही तय करना मुश्किल हो जाता है। जनता का मानना है कि यह लापरवाही सीधे तौर पर जनसुरक्षा से खिलवाड़ है।

नागरिकों ने मांग की है कि पुलिस अधीक्षक स्तर पर किए जा रहे सराहनीय प्रयासों के साथ-साथ यातायात विभाग में पदस्थ अधिकारियों की भूमिका की भी गंभीर समीक्षा होनी चाहिए। उच्च अधिकारियों से इस पूरे मामले पर तत्काल संज्ञान लेने और वास्तविक, सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने की आवश्यकता बताई जा रही है।

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