समाज जागरण नोएडा
जहाँ एक तरफ पूरे प्रदेश मे अतिक्रमण हटाने की काम जोरो शोरों पर चल रहा है वह भी जमीनी स्तर पर वही नोएडा जैसी स्मार्ट सिटी में यह अभियान कागजों में चलायी जा रही है। यही कारण है कि नोएडा में अतिक्रमण कम होने के बजाय दिन-दुनी-रात-चौगुनी के रफ्तार पकड़ा हुआ है।
नोएडा सोमबाजार जहाँ एक तरफ उसे वेंडिंग जोन में शिफ्ट करने की तैयारी असफल रहा है वही दूसरी तरफ दुकानदारों की संख्या दिनों दिन बढते ही जा रहे है। आलम यह है कि सोमबाजार से लेकर नोएडा सेक्टर 43 स्ट्रेलर ग्रीन पार्क तक अतिक्रमण ही अतिक्रमण है।
वही दूसरी तरफ कर्नल मार्केट में जहाँ एक तरफ सरकारी नाली के ऊपर पक्के निर्माण कर दुकानदारों नें कब्जा लिया है। मोटरसाइकिल रिपेयरिंग की दुकान पूरी तरह से रोड पर चलाये जाते है। जिसके कारण शाम के समय में वहाँ से निकलना मुश्किल होता है।
नोएडा स्ट्रेलर ग्रीन पार्क के मैन गेट पर जहाँ एक तरह नारियल वालों नें स्थायी कब्जा जमा रखा है वही दूसरी तरफ चाय वाले, समोसे वाले और बांबे चौपाटी वालों का भी अस्थायी ठिकाना है। आलम ये है कि पार्क के सभी गेट पर शाम के समय में दुकान लग जाते है जिसके कारण वहाँ से आने जाने वाले लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। शरारती किस्म के लोग भी गेट पर बैठ जाते है और पार्क में आने जाने वाली महिला एवं लड़कियों पर फब्तियाँ कसते है। नोएडा सेक्टर 44-45 सदरपुर और छलेरा गाँव के बीच में एक मात्र बड़ा पार्क होने के कारण शाम के समय यहाँ पर मेले जैसी दृश्य होते है।
बताते चले कि नोएडा प्राधिकरण सोम बाजा को व्यवस्थित करने के लिए वेंडिंग जोन बनायी गयी है जिस पर संभवत: लाखों रूपये खर्च किए गए। सालों गुजर जाने के बाद भी प्राधिकरण वहाँ पर वेंडर को व्यवस्थित नही कर पायी है। इसके साथ ही दिन भर वहाँ पर बस वालों का कब्जा होता है और शाम में अवैध वेंडरों का।
इतना सबकुछ होने के बाद भी नोएडा प्राधिकरण की अतिक्रमण हटाओं अभियान सिर्फ कागजों पर चल रहे है। सवाल उठता है कि क्या योगी जी के आदेश यहाँ लागू नही होते या फिर यहाँ के लिए योगी आदेश ही नही देते है ?
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