google-site-verification: google2b21991adbe5cec3.html

मिथिलांचल का पारंपरिक पर्व “बरसाती” पर सुहागिन महिलाओं ने पति की लंबी आयु के लिए की पूजा अर्चना

पूरे नेम टेम से वट सावित्री का व्रत रखपू जा-अर्चना के बाद रक्षा सूत्र बांधकर वट वृक्ष की परिक्रमा की

अररिया।

मिथिलांचल का पारंपरिक पर्व वट सावित्री पर गुरुवार को पूरे देश भर में सुहागिन महिला अपने सुहाग की रक्षा के लिए पूरे विधि विधान के साथ वट सावित्री व्रत की।दरअसल आज के ही दिन सावित्री ने अपने पति के प्राण की रक्षा की थी, जिसको लेकर उसी दिन से यह परंपरा की शुरुआत हुई.सीमांचल में भी ग्रामीण एवम शहरी क्षेत्र के सुहागिन महिलाओं ने पति की लंबी आयु के लिए बृहस्पतिवार को वट सावित्री का व्रत रखकर पूजा-अर्चना की। नए वस्त्र धारण कर महिलाएं पूजा की थाली लेकर वट वृक्ष के नीचे पहुंची। यहां पूजा-अर्चना के बाद रक्षा सूत्र बांधकर वृक्ष की परिक्रमा की। आरती के बाद वृक्ष के गले मिलकर पति की लंबी आयु की कामना की। वट सावित्री व्रत पर नगर समेत जिले के ग्रामीण इलाकों में सामूहिक पूजा भी की गई। पौराणिक कथाओं के अनुसार ज्येष्ठ मास की अमावस्या के दिन ही बरगद के नीचे सावित्री ने अपने पति सत्यवान के प्राणों की रक्षा यमराज से की थी।
इस वट सावित्री व्रत के अवसर पर चर्चित समाजसेविका कविता मिश्रा ने अपने पति की लंबी उम्र और उत्तम स्वास्थ्य की ईश्वर से कामना की। बता दें कि वट सावित्री व्रत जिसे लोक – जीवन में बरसाती भी कहा जाता है।


Discover more from समाज जागरण

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

🛍️ Today’s Best Deals

(Advertisement)