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होम किचन गार्डन के तहत गमलों में भी उगा सकते हैं ऑर्गेनिक सब्जियां : ऋषि शर्मा

एक ही पौधे पर उगाई चार (लाल, हरी, पीली, बैंगनी) रंग की मिर्च बनी विशेष आकर्षण

कहा- सांसद चौधरी धर्मबीर सिंह के जहर मुक्त गाय आधारित ऑर्गेनिक खेती अभियान से मिली प्रेरणा

दैनिक समाज जागरण, ( महेन्द्र जावला बहल )

बहल- भिवानी, 29 अक्तूवर। आज फल सब्जियों के साथ खाद्य पदार्थों में मिलावट एक बहुत बड़ी चुनौती बन गई है। अधिक उत्पादन की होड़ में हम विभिन्न प्रकार की फल सब्जियों पर अत्यधिक कीटनाशकों एवं केमिकल फर्टिलाइजर्स का प्रयोग करते हैं जो हमारे स्वास्थ्य के लिए घातक साबित हो रहे हैं और अनेक प्रकार की बीमारियां पैदा हो रही हैं। यह कहना है पीआरओ ऋषि शर्मा का। उन्होंने बताया कि उन्हें होम किचन गार्डन का शौक है और इसी शौक में उन्होंने घर की छत पर विभिन्न प्रकार की सब्जियों और हर्बल पौधों को होम किचन गार्डन के तहत उगाते रहते है इसी कड़ी में उन्होंने एक ही पौधे पर चार रंग की मिर्च उगाई हैं जो बेहत अद्भुत एवं आकर्षक हैं। उन्होंने बताया कि होम किचन गार्डन की प्रेरणा उन्हें भिवानी महेंद्रगढ़ से लोकसभा सांसद चौधरी धर्मबीर सिंह के बिना किसी कीटनाशक एवं केमिकल के जहर मुक्त, गाय आधारित जैविक खेती के अभियान से मिली है जोकि अत्यंत प्रशंसनीय कदम है। उन्होंने कहा कि आज के समय में जैविक खेती पद्धति अपनाना किसान के लिए वरदान साबित हो सकता है और किसान की आय में भी बढ़ोतरी हो सकती है जिससे किसान की आर्थिक स्थिति में सुधार हो सकता है। उन्होंने बताया कि यदि हर व्यक्ति इस होम किचन गार्डन के जैविक खेती पद्धति से अपने लिए शुद्ध सब्जी उगा ले तो उसके परिवार के स्वास्थ्य में बहुत सुधार तो होगा ही साथ ही आर्थिक बचत भी होगी और इससे आम जनता में भी जैविक खेती के प्रति जागरूकता आएगी। ऋषि शर्मा ने होम किचन गार्डन के तहत अपने घर की छत पर मिर्च,शिमला मिर्च,बैंगन, धनिया, पालक,मेथी,चना, पुदीना,टमाटर, अजवायन,तुलसी,गिलोय,आदि लगा रखी हैं। कोई भी आम नागरिक जिसके पास यदि किचन गार्डन के लिए जगह उपलब्ध है तो वह अपनी छत पर जरूरत के मुताबिक होम किचन गार्डनिंग कर जैविक सब्जी उगा सकते हैं। उन्होंने कहा कि हमें कीटनाशकों एवं केमिकल,विदेशी फर्टिलाइजर्स का प्रयोग बंद करने की आवश्यकता है। इनके अंधाधुंध प्रयोग से भूमि जल अत्यधिक प्रदूषित एवं जहरीले हो रहे हैं तथा यही जहर फल, सब्जियों एवं खाद्य पदार्थों के माध्यम से हमारे शरीर में प्रवेश कर रहा है। हमें अधिक से अधिक लोगों को होम किचन गार्डनिंग और जहर मुक्त गाय आधारित जैविक खेती के प्रति प्रोत्साहित करने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि सरकार ने जैविक खेती पद्धति प्रोत्साहित


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