उमरिया । रेलवे स्टेशन परिसर के बाहर लगाए गए बेरिगेट ने रेल यात्रियों की परेशानी बढ़ा दी है। वाहन चालक बेरिगेट से पहले ही यात्रियों को उतार देते हैं, जिससे कुली के अभाव में उन्हें करीब 150 फीट तक भारी सामान खुद उठाकर चलना पड़ता है। यात्रियों का कहना है कि कम से कम बेरिगेट से पहले कुली की व्यवस्था होनी चाहिए थी।रेलवे उपभोक्ता सलाहकार समिति के सदस्य अनुज सेन ने बताया कि उमरिया में रजिस्टर्ड कुली तो हैं, लेकिन वे पिछले 3 वर्षों से स्टेशन पर नजर नहीं आए। रिकॉर्ड में उनके नाम दर्ज हैं, मगर वे काम के अभाव में बाहर मजदूरी करने चले गए हैं। यात्रियों से शिकायत मिलने के बाद उन्होंने रेलवे सीसीएम से बात की और डीआरएम बिलासपुर को पत्र लिखकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है।ऑटो चालकों का कहना है कि बेरिगेट लगने से यात्रियों को स्टेशन तक पहुंचने में काफी परेशानी हो रही है। यदि वे किसी यात्री का सामान अंदर छोड़ते हैं तो उनसे टिकट मांगा जाता है, जिससे वे भी असहज स्थिति में हैं।यात्रियों का सवाल है कि जब रेलवे को कुली न होने की जानकारी है, तो क्या सुविधा बहाल करने से पहले बेरिगेट लगाना सही था? फिलहाल, रेलवे प्रशासन की चुप्पी के बीच यात्रियों को रोजाना इस असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
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