समाज जागरण पटना जिला संवाददाता:- वेद प्रकाश
पटना/ सिविल कोर्ट को शुक्रवार को ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली, जिससे कोर्ट परिसर में अफरा-तफरी मच गई। इस धमकी में लिखा था कि कोर्ट के जिला न्यायाधीश के चैंबर और परिसर में RDX आधारित बम लगाए गए हैं और यह धमकी पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के सहयोग से दी गई है। धमकी मिलने के बाद प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए कोर्ट परिसर को खाली करवा दिया गया, और सभी जजों, वकीलों, कर्मचारियों और न्यायाधीशों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। मामला गंभीर होने के कारण पुलिस सहित एटीएस, डॉग स्क्वाड और बम निरोधक दस्ते ने कोर्ट की गहन तलाशी शुरू कर दी। सुरक्षा व्यवस्था को बहुत कड़ा कर दिया गया है। कोर्ट के मुख्य तीनों गेट पर पुलिस बल तैनात है और अंदर-बाहर आने वाले प्रत्येक व्यक्ति और सामान की पूरी जांच की जा रही है। पुलिस ने कहा कि धमकी के मेल की सत्यता की जांच जारी है, और साइबर सेल द्वारा धमकी देने वाले की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। फिलहाल तलाशी अभियान जारी है और कोर्ट परिसर के हर कोने की जांच डॉग स्क्वाड कर रही है। अभी तक किसी भी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक का पता नहीं चला है, हालांकि प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है और किसी भी तरह के खतरे को नजरअंदाज नहीं किया जा रहा। वकील ऋषिकेश नारायण सिन्हा ने बताया कि यह इस प्रकार की दूसरी धमकी है, और पहली बार भी धमकी मिली थी। इस मामले में सुरक्षा में कमी के लिए प्रशासन की आलोचना हो रही है। धमकी मिलने पर कोर्ट में काम कर रहे लोग घबरा गए और जल्दी-जल्दी कोर्ट से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थान की ओर भागे। आसपास के क्षेत्र की दुकानों को भी बंद करवा दिया गया है। पटना पुलिस ने इस घटना को गंभीरता से लिया है और पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पीरबहोर थाना पुलिस, एटीएस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां जांच में जुटी हैं ताकि इस घटना के पीछे छिपे स्रोत को पकड़ा जा सके। पटना सिविल कोर्ट, जो कि पटना के पीरबहोर थाना क्षेत्र में स्थित है, एक महत्वपूर्ण न्यायिक केंद्र है। कांग्रेस और अन्य राजनीतिक दलों के बीच चल रहे तनाव और अन्य सुरक्षा खतरों के बीच यह धमकी सुरक्षा पर प्रश्नचिन्ह लगा रही है। इस घटना ने जनता और कोर्ट के अधिकारियों में भय का माहौल पैदा कर दिया है। बिहार पुलिस ने तीन संदिग्ध आतंकियों को लेकर राज्य में अलर्ट भी जारी किया है ताकि किसी प्रकार की आपदा से पहले ही निपटा जा सके। प्रशासन ने सभी से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि या वस्तु की तुरंत सूचना देने की अपील की है। इस घटना ने अदालत परिसर की सुरक्षा में गहनता और जवाबदेही की आवश्यकता को उजागर किया है। धमकी के बावजूद, अभी तक कोई असली विस्फोटक नहीं मिला है, जिसके कारण संभावना जताई जा रही है कि यह धमकी फर्जी हो सकती है, लेकिन प्रशासन पूरी तरह सावधान है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। इस घटना का राजनीतिक और सुरक्षा दोनों स्तरों पर व्यापक जाँच-अन्वेषण जारी है।



