- नियमित पढ़ाई ही लक्ष्य हासिल करने का है मूलमंत्र: आनंद राज सिंह
ब्यूरो चीफ विजय कुमार अग्रहरी/ समाज जागरण
सोनभद्र। अपने मातृ शैक्षणिक संस्थान संत कीनाराम सीनियर सेकण्डरी पब्लिक स्कूल लोढी राबर्टगंज सोनभद्र में सोमवार को आनंद राज सिंह का भव्य स्वागत समारोह आयोजित हुआ। यूपी पीसीएस में 22वां रैंक हासिल करने के उपरान्त आनंद राज का अपने गृह जनपद में जैसे ही आने की खबर लगी । विद्यालय, महाविद्यालय परिवार ने दिल खोलकर अपने होनहार लाल का सम्मान किया। इस पुनीत अवसर पर छात्र-छात्राओं ने अपने गुरूजनों के दिशानिर्देश में आनंद राज के शैक्षणिक संस्थान संत कीनाराम पब्लिक स्कूल राबर्टगंज को फूल, माला, गुब्बारा, पोस्टर, बैनर से दुल्हन की तरह सजाकर स्वागत हेतु आकुल व्याकुल रहे। आनंद राज का जैसे ही अपने माता- पिता के साथ परिसर मे आगमन हुआ छात्र -छात्राओं ने गाजे बाजे के साथ स्वागत किया। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉक्टर गोपाल सिंह ने आनंद राज सिंह के साथ उनके माता पिता का भी अंग वस्त्र, माला, फूल और सन्त कीनाराम महाराज की तस्वीर भेंट कर स्वागत किया।
आनंद राज सिंह ने कहा कि संत कीनाराम महाराज मेरे साथ रहे हैं। उनका ही आशीष है कि मैं आज सफल होकर आप सबके बीच में आया हूं। मैं दावे के साथ अब कह सकता हूं कि यह विद्यालय जितना कम शुल्क में शिक्षा उपलब्ध करा रहा है। यह एक उदाहरण है। इससे बेहतर संसाधन और शैक्षणिक संस्थान अन्यत्र दुर्लभ है। मेरे रग रग में इस संस्था का अनुशासन और ज्ञान दौड़ रहा है । विद्यालय के प्राचार्य डॉ गोपाल सिंह मेरे गुरू ही नही अभिभावक भी हैं। कभी भी इन्होने पठन पाठन और अनुशासन से समझौता नही किया। सर्वदा इन्होने समस्त छात्र छात्राओ को विद्यार्थी नही अपितु पुत्र पुत्री का स्नेह, प्यार दुलार आशीष दिया है। जिसका जीवन्त उदाहरण मैं स्वयं हूं। आनंद राज ने कहा कि यहां के शिक्षक सचमुच एक सकारात्मक पारिवारिक परिवेश में शिक्षक की भूमिका अदा करते हैं। मेरी आदि से अंत तक पूरी शिक्षा केवल और केवल संत कीनाराम संस्थान से ही हुई है ।
छात्र-छात्राओं के सर्वांगीण विकास का यह पूर्वांचल का बडा शैक्षणिक संस्थान है । हमें गर्व महसूस हो रहा है कि हमारे माता पिता ने इस संस्थान की गुणवत्ता भांप कर इस संस्थान से शिक्षा लेने का पुनीत अवसर मुु्झे प्रदान किया। मै विद्यालय, महाविद्यालय परिवार के लिए आभार व्यक्त करता हूं। छात्र-छात्राओं से निवेदन है कि अध्ययन काल में एकाग्र मन से पढाई करें। सफलतापूर्वक की गयी पढाई सफलता ही देती है। नियमित रूप से 8 से 10 घंटे की पढ़ाई आपको आपका लक्ष्य हासिल करने का मूल मंत्र है। स्थायी सफलता कभी भी शार्टकट नही होती है । त्याग, तपस्या ही सफलता का मूल कारण है। समुचित अध्ययन समुचित मार्ग प्रशस्त करता है।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉक्टर गोपाल सिंह ने कहा कि मेरा हमेंशा से यहीं प्रयास रहा है कि छात्र- छात्राओं का सर्वांगीण विकास हो यह उद्देश्य दिन प्रतिदिन सफल हो भी रहा है।
इस अवसर पर सन्त कीनाराम सीनियर सेकण्डरी पब्लिक स्कूल की प्रधानाचार्य मनुश्री, निदेशक अंकित सिंह सहित समस्त छात्र- छात्राएं, शिक्षक व अभिभावक उपस्थित रहे।
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