अररिया ।
पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय, अररिया में आज प्रातः सभा के दौरान, हैदराबाद में आयोजित राष्ट्रीय एकता समागम में भाग लेने वाले सातवीं कक्षा के छात्र गौरव लकी को विद्यालय के प्राचार्य सुशांत कुमार झा और वरिष्ठ शिक्षक मो. अबू तालिब के करकमलों द्वारा प्रमाण पत्र और मोमेंटो प्रदान कर सम्मानित किया गया। गौरव लकी, जो इस कार्यक्रम में अपने शिक्षक राजेश कुमार के साथ शामिल हुए थे, को उनके अद्वितीय योगदान और उपलब्धियों के लिए यह सम्मान प्राप्त हुआ।
कार्यक्रम में कला शिक्षक और मूर्तिकार राजेश कुमार ने विद्यार्थियों की प्रतिभाओं को पहचानने और उन्हें निखारने के शिक्षक के दायित्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “शिक्षक का यह कर्तव्य है कि वह बच्चों के अंदर छिपी प्रतिभा को पहचानकर उन्हें प्रोत्साहित करें।” उन्होंने गौरव की सफलता को केवल उसका व्यक्तिगत प्रयास नहीं बल्कि गुरु-शिष्य संबंध और सही मार्गदर्शन का परिणाम भी बताया। इसके साथ ही, राजेश कुमार को आठ अन्य विद्यालयों के 58 बच्चों और पांच शिक्षकों के दल का नेतृत्व करने का जिम्मा सौंपा गया था, जिसमें गौरव लकी भी शामिल थे।
राष्ट्रीय एकता समागम में गौरव लकी की उपलब्धि
राष्ट्रीय एकता समागम के समापन समारोह का आयोजन हैदराबाद के कान्हा शांति वनम् आडिटोरियम में हुआ, जहां नवोदय विद्यालय समिति के ज्वाइंट कमिश्नर ज्ञानेंद्र कुमार ने सभी प्रतियोगियों को सम्मानित किया। इस अवसर पर ज्ञानेंद्र कुमार ने नई शिक्षा नीति 2020 का हवाला देते हुए कला, संगीत और अन्य विषयों के आपसी संबंधों को शिक्षा में शामिल करने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कार्यक्रम के प्रतिभागियों की सराहना की और उनके प्रयासों को उजागर किया।
प्राचार्य ने छात्रों को किया प्रेरित
विद्यालय के प्राचार्य सुशांत कुमार झा ने अपने संबोधन में कहा, “छात्र जीवन में हर छोटी सफलता, हमें जीवन के बड़े लक्ष्यों तक पहुंचने का मार्ग दिखाती है।” उन्होंने गौरव लकी की कड़ी मेहनत और समर्पण की सराहना करते हुए सभी विद्यार्थियों और शिक्षकों को बधाई दी। इस सम्मान समारोह में उन्होंने यह भी कहा कि विद्यालय की सफलता में छात्रों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और यह गौरव लकी जैसे छात्रों के प्रयासों से ही संभव हुआ है। अस्वस्थ होने के बावजूद, प्राचार्य स्वयं इस खास अवसर पर उपस्थित हुए और गौरव लकी को बधाई दी, जो विद्यालय और उसके शिक्षकों के लिए गर्व का विषय है।
यह अवसर न केवल गौरव लकी के लिए, बल्कि विद्यालय के सभी छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया। उनके इस प्रयास ने यह सिद्ध कर दिया कि सही मार्गदर्शन और कठिन परिश्रम से कोई भी लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।
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