अब बिजली का बिल जीरो करने का मौका है। मोदी सरकार की प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के तहत गौतम बुद्ध नगर के लोग छत पर सोलर लगाकर ₹1.08 लाख तक की सब्सिडी पा सकते हैं और हर महीने हजारों रुपये बचा सकते हैं।
गौतम बुद्ध नगर, 14 दिसंबर। भारत सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत जनपद गौतम बुद्ध नगर के नागरिकों को अपने घरों की छत पर सोलर रूफटॉप सिस्टम लगाकर बिजली बिल में भारी बचत करने का सुनहरा अवसर मिल रहा है। यह योजना घरेलू उपभोक्ताओं को स्वच्छ, सस्ती और हरित ऊर्जा उपलब्ध कराने के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा दे रही है।

प्रभारी परियोजना अधिकारी नेडा लवेश कुमार सिसोदिया ने बताया कि योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को सोलर सिस्टम स्थापना पर केंद्र सरकार द्वारा प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के माध्यम से आकर्षक सब्सिडी दी जा रही है। 1 किलोवाट क्षमता के सिस्टम पर ₹30,000, 2 किलोवाट पर ₹60,000 तथा 3 किलोवाट या उससे अधिक क्षमता पर अधिकतम ₹78,000 तक की केंद्रीय सब्सिडी का प्रावधान है।
उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा घरेलू उपभोक्ताओं को ₹15,000 प्रति किलोवाट की अतिरिक्त सब्सिडी दी जा रही है, जो अधिकतम 2 किलोवाट तक यानी ₹30,000 होगी। इस प्रकार केंद्र और राज्य सरकार की संयुक्त सब्सिडी से लाभार्थियों को कुल ₹1,08,000 तक का सीधा लाभ मिल सकता है।
एक नजर में योजना
- 💰 कुल सब्सिडी: ₹1,08,000 तक
- ☀️ सोलर क्षमता: 1 से 3 किलोवाट+
- 🏠 किसके लिए: घरेलू उपभोक्ता
- 🌐 आवेदन: pmsuryaghar.gov.in
- ⚡ फायदा: बिल में भारी बचत
इस योजना से न केवल मासिक बिजली बिल में उल्लेखनीय कमी आएगी, बल्कि सोलर ऊर्जा के उपयोग से पर्यावरण संरक्षण को भी बल मिलेगा। साथ ही अतिरिक्त उत्पादित बिजली को ग्रिड में भेजकर उपभोक्ता आर्थिक लाभ भी अर्जित कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन, सरल और पारदर्शी रखी गई है।
योजना का लाभ वही नागरिक उठा सकते हैं जो भारत के नागरिक हों, जिनके पास स्वयं का आवास एवं छत उपलब्ध हो तथा वैध घरेलू बिजली कनेक्शन हो। इच्छुक नागरिक www.pmsuryaghar.gov.in पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
जिला प्रशासन गौतम बुद्ध नगर ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस जनकल्याणकारी योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाकर अपने घरों को ऊर्जा-स्वावलंबी बनाएं और स्वच्छ, हरित भविष्य की दिशा में योगदान दें। सौजन्य: सूचना विभाग, गौतम बुद्ध नगर



