समाज जागरण संवाददाता निगोहा
लखनऊ, नगराम प्रधानमंत्री आवास योजना में पात्र होने के बावजूद आवास न मिलने से क्षुब्ध नगराम नगर पंचायत क्षेत्र के निवासी राम अर्जुन सिंह ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर नगर पंचायत अधिकारियों व प्रतिनिधियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि उसके योग्य होने के बावजूद उसे योजनागत लाभ नहीं दिया जा रहा है, जबकि उसका नाम छूटने के पीछे स्थानीय स्तर पर मनमानी और पक्षपातपूर्ण रवैया जिम्मेदार है।पीड़ित राम अर्जुन सिंह, पुत्र श्री सुंदेश सिंह, वार्ड नम्बर 03 भांटन टोला, नगर पंचायत नगराम के निवासी हैं।
भेजे गए पत्र में उन्होंने बताया कि वह वर्षों से दिहाड़ी मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। परिवार में पत्नी, 13 वर्षीय बेटा और 15 वर्षीय बेटी सहित कुल चार सदस्य हैं, जो वर्तमान में कच्चे मकान में रह रहे हैं।उन्होंने आरोप लगाया कि नगर पंचायत अध्यक्ष और प्रतिनिधियों द्वारा सरकारी आवास पाने के लिए उनसे अनावश्यक दबाव बनाया गया और रिश्वत जैसी मांगों के संकेत भी दिए गए। उनका कहना है कि “घूस न देने पर” उनका नाम सूची से हटा दिया गया, जबकि आसपास के कई कम पात्र लोगों को आवास का लाभ दे दिया गया।
पीड़ित के अनुसार, सरकारी रिकॉर्ड में उनके नाम पर कोई पक्की संपत्ति नहीं है, और उनकी आर्थिक स्थिति भी अति कमजोर है, फिर भी स्थानीय अधिकारियों ने रिपोर्ट में उन्हें अपात्र दिखा दिया। पत्र में यह भी कहा गया है कि राजनीतिक कारणों से भी उन्हें योजना से वंचित करने की कोशिश की गई है।राम अर्जुन सिंह ने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग करते हुए प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई तथा उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाए जाने की अपील की है।
ग्रामीण क्षेत्र में इस मामले को लेकर चर्चाएं तेज हैं, और स्थानीय लोगों का कहना है कि पात्रों की सूची में मनमानी रोकने के लिए उच्च स्तर पर जांच बेहद आवश्यक है।
प्रधानमंत्रीआवासयोजना #PMAY #ग्रामीणसमाचार #सरकारीयोजना #सीएमशिकायत #विकास #सोशलजस्टिस #हरियाणान्यूज़
Discover more from समाज जागरण
Subscribe to get the latest posts sent to your email.



