ब्यूरो चीफ/ समाज जागरण
सोनभद्र। रॉबर्ट्सगंज थाना क्षेत्र में पुलिस और गो तस्करों के बीच मुठभेड़ हुई है। इसमें एक गो तस्कर जितेंद्र यादव घायल हो गया, जिसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने उसके पास से एक पिकअप वाहन से पांच गोवंश, एक तमंचा और कारतूस बरामद किया हैं। 31 अक्टूबर को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि चार पशु तस्कर एक पिकअप वाहन से घोरावल से नौगढ़ होते हुए बिहार गोवंश वध के लिए ले जा रहे हैं। इस सूचना पर रॉबर्ट्सगंज पुलिस और एसओजी टीम ने दो अलग-अलग टीमें बनाकर दोमुहिया पुलिया के पास घेराबंदी की।


खुद को घिरा देखकर अपराधियों ने पुलिस बल पर फायरिंग शुरू कर दी। सीओ रणधीर कुमार मिश्रा ने बताया, आत्मरक्षा में पुलिस द्वारा की गई जवाबी फायरिंग में बिहार के भभुआ जिले के चैनपुर थाना अंतर्गत झरिया निवासी जितेंद्र यादव (पुत्र सवारथ यादव) के दाहिने पैर में गोली लगी, जिससे वह घायल हो गया और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने गिरफ्तार तस्कर के कब्जे से बीआर45 जीबी 3416 नंबर की एक पिकअप गाड़ी से पांच गोवंश, एक 315 बोर का तमंचा, एक जिंदा कारतूस और एक खोखा कारतूस बरामद किया है। मुठभेड़ के दौरान अंधेरे का फायदा उठाकर तीन अन्य अभियुक्त इबरार, मल्लू और हजरत फरार होने में सफल रहे। घायल अभियुक्त जितेंद्र यादव को इलाज के लिए लोढ़ी स्थित जिला चिकित्सालय में पुलिस अभिरक्षा में भेजा गया है। इस बरामदगी और गिरफ्तारी के आधार पर रॉबर्ट्सगंज थाने में संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। रॉबर्ट्सगंज पुलिस ने फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए टीमों का गठन किया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। पूछताछ में गिरफ्तार अभियुक्त जितेंद्र यादव ने बताया कि कैमूर, बिहार में बैठे उसके रिश्तेदार भगवान यादव और बलवंत यादव ने गोवंश तस्करी की पूरी योजना बनाई थी। वे घोरावल के पास से गोवंश लादकर नौगढ़ होते हुए बिहार ले जाते थे, जहां उन्हें शातिर तस्करों नाटे, मुखिया और हाफिज को सौंपा जाता था। जितेंद्र ने यह भी बताया कि वे पहले भी कई बार इसी योजना के तहत गोवंश की तस्करी कर चुके हैं, जिन्हें वध के लिए पश्चिम बंगाल भेजा जाता था।



