मधुबनी (बिहार), 30 अक्टूबर।
जन सुराज पार्टी (JSP) के संस्थापक प्रशांत किशोर के बिहार दौरे के दौरान एक विवादित घटना सामने आई है। मधुबनी ज़िले के एक प्राचीन मंदिर में किशोर अपने अल्पसंख्यक उम्मीदवार परवेज़ आलम के साथ पूजा करने पहुंचे, जिसके बाद मंदिर के पुजारियों ने “शुद्धिकरण” अनुष्ठान किया।
यह घटना मंगलवार, 28 अक्टूबर की है। बताया गया कि प्रशांत किशोर और परवेज़ आलम मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश कर भगवान शिव सहित अन्य देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना की।
मंदिर के पुजारी श्रवण कुमार ने बताया कि उन्हें पहले से केवल यह जानकारी दी गई थी कि प्रशांत किशोर पूजा करने आएंगे, जिसके लिए उन्होंने पूजा सामग्री की व्यवस्था की थी।
उन्होंने कहा, “मैंने सहमति दे दी और तैयारी पूरी कर ली। लेकिन किशोर रात करीब 7:30 बजे पहुंचे। बाद में उन्होंने अपने उम्मीदवार के साथ पूजा-अर्चना की।”

पुजारी के अनुसार, उन्हें उस समय इस बात की जानकारी नहीं थी कि किशोर के साथ आए उम्मीदवार मुस्लिम हैं, क्योंकि उन्होंने पारंपरिक मिथिला वेशभूषा पहन रखी थी। बाद में जब यह बात सामने आई कि वे परवेज़ आलम हैं, तो मंदिर के पुजारियों ने “शुद्धिकरण” का निर्णय लिया।
द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, पुजारियों ने गर्भगृह का “रुद्राभिषेक” और “पंचगव्य” (दूध, दही, घी, गोमूत्र और गोबर का मिश्रण) के साथ शुद्धिकरण किया।
इस घटना ने स्थानीय स्तर पर धार्मिक भावनाओं और राजनीति दोनों को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है। प्रशांत किशोर की ओर से इस मामले पर फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।
सवाल ये है कि जिसे मंदिर मे आस्था नही वह लोग मंदिर जाते ही क्यों है ? दूसरी बात उस तथाकथित मिडिया वालों से है जो हर बात मे वायरल होने की एंगल ढुंढ़ते रहते है। मिडिया की जिम्मेदारी समाज को संभालने की न कि उसमे अफवाह फैलाने की।

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