प्रतिकूल परिस्थिति मे भी दुआएं देते रहो यही है खुशी का पासवर्ड: शिवानी



समाज जागरण ब्यूरो विवेक देशमुख


बिलासपुर/बहतराई। खुशियों का पासवर्ड विषय पर उद्बोधन देने अंतर्राष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी शिवानी दीदी ग्यारह बजे बहतराई स्टेडियम पहुंची। इसके पूर्व मंच संचालन करते मंजू दीदी ने सभा को नशामुक्ति की शपथ दिलाई। शिवानी दीदी के साथ रायपुर से जोन प्रभारी ब्रह्माकुमारी हेमा दीदी इंदौर, वरिष्ठ ब्रह्माकुमारी आशा दीदी भिलाई साथ थी। मुख्य द्वार पर शिवानी दीदी का स्वागत कोरबा प्भारी ब्रह्माकुमारी रूकमणी दीदी एवं शुभम विहार सेवाकेन्द्र प्रभारी ब्रह्माकुमारी सविता बहन ने किया । मंच पर शिवानी दीदी का स्वागत पुलिस अधीक्षक संतोष सिह, विधायक शैलेष पांडे, पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल, अटल यूनिवर्सिटी के कुलपति ए डी एन वाजपेयी , एस ई सी एल के …, रेलवे के डी आर एम प्रवीण पांडे, डी आई जी भवानीशंकरनाथ, पातंजलि योग के राज्य प्रभारी जया मिश्रा, आर्ट आफ लिविंग के प्रीतपाल सिह, किरणपाल चावला , गायत्री परिवार के नन्दिनी पाटनवार छत्तीसगढ़ योग आयोग के रवीन्द्र सिह, प्रयास एड के विनोद पांडे एवं ममता पांडे , राष्ट्रीय सेवक संघ से डा. विनोद तिवारी , राधास्वामी सत्संग व्यास एवं सिंधी समाज से सतीश लालचंदानी एवं प्रेस क्लब बिलासपुर, अन्य अति विशिष्ट गणमान्य द्वारा किया गया । टिकरापारा एवं राजकिशोर नगर सेवाकेन्द्र की ओर से ममता सगदेव बहन, संदीप भाई, गिरीश भाई, मुकेश भाई,भूषण भाई द्वारा स्मृति चिन्ह प्रदान किया गया । पुलिस अधीक्षक संतोष सिह को निजात अभियान की सफलता के लिए शिवानी दीदी द्वारा स्मृति चिन्ह प्रदान किया गया। अतिविशिष्ट अतिथियो द्वारा दीप प्रज्वलन कर आज के कार्यक्रम का शुभारम्भ किय गया। इंदौर जोन प्रभारी ब्रह्माकुमारी हेमा दीदी ने स्वागत उद्बोधन मे कहा कि आज सर्व सुविधाएं होते हुए भी मनुष्य के जीवन मे खुशी नही है। शिवानी दीदी खुशियों का पासवर्ड बताने यहा आयी है। उपस्थित जन सैलाब का हेमा दीदी ने परमात्मा की ओर से स्वागत किया। दुर्ग से आये ब्रह्माकुमार युगरतन ने गीतों से मंत्रमुग्ध किया। गौरी बहन की टीम ने आकर्षक नृत्य प्रस्तुत किया।
शिवानी दीदी ने कहा कि जिन खुशियों की तलाश मे हम बाहर भटकते है दरअसल वह हम आत्मा के निजी संस्कार है। हम अपने मूल स्वरूप आत्मा को भूल देह समझने से तेरे मेरे के फेर मे दूसरों को दुख का कारण समझ लेते है। सदा खुश रहने का मंत्र है मुझे क्या सोचना है यह मुझ पर निर्भर करता है। संकल्प से सृष्टि बनती है। अगर हमारे द्वारा सबके लिए दुआएं ही निकले तो इस कलयुग को सतयुग बनते देर नही लगेगी नही तो दोषारोपण, निंदा के चलते घोर कलयुग बन ही गया है।
शिवानी दीदी ने कहा कि जब अगली बार आऊं तो यह हाल खाली मिलना चाहिए क्योंकि आज जो खुशियों का पासवर्ड मिला उसके बाद दुख का संस्कार खत्म हो जाना चाहिए।
कार्यक्रम का कुशल संचालन टिकरापारा सेवाकेन्द्र प्रभारी ब्रह्माकुमारी मंजू ने किया एवं शिवानी दीदी से आग्रह किया कि इस अल्प प्रवास से मन नही भरा इसलिए अगली बार पूरा दिन बिलासपुर के लिए अवश्य निकाले। 1:15 बजे शिवानी दीदी रायपुर के लिये प्रस्थान की। इस कार्यक्रम को सुनने बिलासपुर एवं आसपास के गावों के अलावा रायगढ़, बरगढ, कोरबा, खरसिया से काफी लोग आये।