दैनिक समाज जागरण 16.04.2026 चांद कुमार लायेक (ब्यूरो चीफ) पूर्वी सिंहभूम जमशेदपुर
जमशेदपुर आगामी 25 अप्रैल को बिष्टुपुर स्थित गोपाल मैदान में आयोजित होने वाले वीर शहीद गंगा नारायण सिंह की 236वीं जयंती समारोह को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इस ऐतिहासिक अवसर को भव्य रूप देने के लिए भूमिज समाज के प्रतिनिधिमंडल ने रांची स्थित झारखंड मंत्रालय में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से शिष्टाचार भेंट कर उन्हें मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने हेतु औपचारिक आमंत्रण दिया। इस दौरान पोटका विधायक संजीव सरदार भी उपस्थित रहे।
प्रतिनिधिमंडल ने सौंपा औपचारिक निमंत्रण
मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने जयंती समारोह के महत्व और इसकी व्यापक तैयारियों की विस्तार से जानकारी दी। प्रतिनिधिमंडल में संजय सरदार, हिमांशु सिंह, राधेश्याम भूमिज, ईश्वर लाल सरदार, अमर सिंह भूमिज, अमल सरदार, सागर सरदार, प्रोरंजन सरदार तथा भुगुराय सरदार शामिल थे। सभी ने एक स्वर में मुख्यमंत्री से कार्यक्रम में उपस्थित होकर समाज का उत्साहवर्धन करने का आग्रह किया।
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि वीर शहीद गंगा नारायण सिंह का योगदान न केवल भूमिज समाज बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का विषय है। उनकी जयंती को हर वर्ष श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया जाता है, लेकिन इस वर्ष 236वीं जयंती को विशेष रूप से ऐतिहासिक बनाने की योजना है।
मंत्रियों से भी की गई मुलाकात
मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रतिनिधिमंडल ने राज्य के परिवहन मंत्री दीपक बिरुआ तथा अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री चमरा लिंडा से भी मुलाकात की। दोनों मंत्रियों को भी समारोह में शामिल होने का निमंत्रण दिया गया। प्रतिनिधिमंडल ने सभी अतिथियों से कार्यक्रम में भाग लेकर समाज के लोगों का मनोबल बढ़ाने की अपील की।
मंत्रियों ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि वे कार्यक्रम में शामिल होने का प्रयास करेंगे और इस प्रकार के आयोजनों से समाज में जागरूकता एवं एकता का संदेश जाता है।
भव्य आयोजन की रूपरेखा तैयार
आयोजन समिति के अनुसार 25 अप्रैल को होने वाला यह समारोह कई दृष्टिकोण से विशेष होगा। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह पूजा-अर्चना के साथ होगी, जिसके बाद विचार गोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। इस गोष्ठी में समाज के प्रबुद्ध लोग, इतिहासकार और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ वीर शहीद गंगा नारायण सिंह के जीवन, संघर्ष और उनके योगदान पर प्रकाश डालेंगे।
दोपहर के समय सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित की जाएगी, जिसमें पारंपरिक नृत्य, लोकगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां शामिल होंगी। इसके माध्यम से भूमिज समाज की समृद्ध परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित किया जाएगा। शाम को विशाल जनसभा का आयोजन होगा, जिसमें विभिन्न जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और हजारों की संख्या में लोग शामिल होंगे।
50 हजार से अधिक लोगों के जुटने की संभावना
आयोजन समिति ने बताया कि इस वर्ष समारोह में सिंहभूम के तीनों जिलों—पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां—के अलावा झारखंड के अन्य जिलों तथा पड़ोसी राज्यों से भी लोगों के आने की संभावना है। अनुमान है कि इस आयोजन में 50 हजार से अधिक लोग भाग लेंगे, जिससे यह कार्यक्रम क्षेत्र का एक ऐतिहासिक आयोजन बन जाएगा।
कार्यक्रम स्थल पर आगंतुकों की सुविधा के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। यातायात, सुरक्षा, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधा और पार्किंग की विशेष व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। साथ ही समाज की परंपराओं और इतिहास को दर्शाने के लिए विभिन्न स्टॉल भी लगाए जाएंगे।
समाज में उत्साह का माहौल
जयंती समारोह को लेकर भूमिज समाज के लोगों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। विभिन्न गांवों और क्षेत्रों में बैठकें कर लोगों को कार्यक्रम में भाग लेने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। आयोजन समिति का कहना है कि यह केवल एक जयंती समारोह नहीं, बल्कि समाज की एकता, संस्कृति और इतिहास को सशक्त रूप से प्रस्तुत करने का अवसर है।
समिति ने सभी लोगों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की है।



