वीरेंद्र चौहान, समाज जागरण ब्यूरो किशनगंज।
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर रविवार को समाहरणालय सभा कक्ष में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता एम. रामचंदुडु (भा.प्र.से.–2009), निदेशक, जनगणना कार्य-सह-नागरिक निबंधन, पटना एवं केन्द्रीय नोडल अधिकारी ने की।
बैठक में जिलाधिकारी विशाल राज सहित कृषि एवं संबद्ध विभागों के जिला एवं अनुमंडल स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे। समीक्षा के दौरान जिले में योजना की कार्ययोजना एवं अब तक की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई।
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के अंतर्गत 11 विभागों की 36 योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है। कृषि विभाग को नोडल विभाग बनाया गया है, जबकि कृषि विज्ञान केन्द्र, पशुपालन, मत्स्य, गव्य एवं डेयरी, सहकारिता, जल संसाधन, भूमि संसाधन, उद्योग, ग्रामीण विकास एवं कौशल विकास विभाग भी योजना से जुड़े हैं। योजना के अनुश्रवण हेतु नीति आयोग द्वारा निर्धारित 73 परफॉर्मेंस इंडिकेटर के आधार पर जिलों की रैंकिंग की जाएगी।
केन्द्रीय नोडल अधिकारी ने सभी विभागों को आपसी समन्वय स्थापित कर समेकित प्रयास करने का निर्देश दिया। उन्होंने किसानों की आवश्यकता के अनुरूप कार्ययोजना तैयार करने पर बल देते हुए कहा कि प्रखंड एवं पंचायत स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार कर कैंप आयोजित किए जाएं और किसानों की राय के आधार पर योजनाओं का संचालन किया जाए।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि योजना के क्रियान्वयन से संबंधित जिले में प्राप्त सुझावों एवं शिकायतों को संकलित कर कार्ययोजना में शामिल किया जाए, ताकि योजना का लाभ वास्तविक रूप से किसानों तक पहुंच सके।



