आदिवासी सुनील त्रिपाठी/ समाज जागरण
चोपन/ सोनभद्र। रेलकर्मियों के अधिकारों को सुनिश्चित करना और सुरक्षित रखना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए हम आखिरी सांस तक संघर्ष करते रहेंगे। उक्त बातें ईसीआरकेयू के महामंत्री एस एन पी श्रीवास्तव ने लखनऊ में आयोजित ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन की 101 वीं वार्षिक अधिवेशन में कही । मंच से अपने संबोधन में उन्होंने उपस्थित विशाल जनसमूह को सम्बोधित करते हुए कहा कि मान्यता प्राप्त करने हेतु हुए पिछले चुनाव में जिस यूनियन को ईसीआर में वहां के रेलकर्मियों ने जीत दिलाई है आज वह एक वर्ष बीत जाने के बाद भी अपने मुख्य कामों से हटकर अभी तक विजय जश्न में डूबा हुआ है। आज ईसीआर जोन में ट्रेकमेन्टेनर, लोको पायलट और ट्रेन मैनेजर सहित सभी विभागों के कर्मचारियों पर प्रशासन द्वारा काम का बोझ बढ़ा दिया गया है। दूसरी तरफ रेलकर्मियों के वाजिब अधिकारों की रक्षा और समस्याओं का निराकरण के लिए वर्तमान यूनियन चुप्पी साधे हुए है। यह बड़ी पीड़ादायक स्थिति है । रेल कर्मचारी पछतावा कर रहा है कि हमने किस यूनियन पर भरोसा जताया है जहां उनकी पीड़ा को सुनने वाला कोई नेतृत्व कर्ता नहीं है।
मौके पर से अधिवेशन में भाग ले रहे ईसीआरकेयू के अपर महामंत्री सह एआईआरएफ वर्किंग कमिटी मेम्बर मो ज़्याऊद्दीन ने बताया कि ईसीआरकेयू के लड़ाकू साथी बिना मान्यता प्राप्त किए ही रेलकर्मियों के सुख दु:ख में उनके साथ अभी भी खड़े हैं। ईसीआरकेयू अपने अधिकतम ताकत के साथ हर मुश्किल में ईसीआर के रेलकर्मियों के साथ रहा है और आगे भी रहेगा।
अधिवेशन में ईसीआरकेयू चोपन वन का प्रतिनिधित्व करते हुए सचिव उमेश कुमार सिंह ने बताया कि उक्त अधिवेशन में धनबाद मंडल से मो ज़्याऊद्दीन के अलावा केन्द्रीय संगठन मंत्री नेताजी सुभाष, सुनील कुमार सिंह, आर एन चौधरी, बी के साव सहित कई प्रतिनिधियों ने भाग लिया।



