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13 वर्षीय बच्ची का शव मिलने के बाद फूटा जनाक्रोश, पोस्टमार्टम में देरी पर सदर अस्पताल गेट पर धरना-प्रदर्शन

वीरेंद्र चौहान, समाज जागरण ब्यूरो किशनगंज।
शहर के डुमरिया भट्टा क्षेत्र से पांच दिनों से लापता 13 वर्षीय बच्ची का शव बरामद होने के बाद पूरे जिले में शोक, आक्रोश और तनाव का माहौल व्याप्त हो गया। सोमवार शाम रमजान नदी किनारे बच्ची का शव मिलने की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया, जबकि स्थानीय लोगों में घटना को लेकर भारी नाराजगी देखी गई।


सूचना मिलने के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। परिजनों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि अस्पताल पहुंचने के करीब पांच घंटे बाद भी पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू नहीं की गई। इसी देरी को लेकर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा।


आक्रोशित परिजनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने सदर अस्पताल के मुख्य द्वार पर धरना देकर प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि बच्ची के लापता होने के बाद पुलिस और प्रशासन ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। उनका कहना था कि यदि समय रहते प्रभावी खोजबीन की जाती तो बच्ची को जीवित बरामद किया जा सकता था।


धरना-प्रदर्शन के दौरान भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष सुशांत गोप ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बच्ची के पांच दिनों तक लापता रहने के बावजूद पुलिस ने अपेक्षित तत्परता नहीं दिखाई। उन्होंने कहा कि पुलिस की सुस्ती और लापरवाही ने मामले को और गंभीर बना दिया।


वहीं राजद नेता टीटू बदवाल ने घटना को संदिग्ध बताते हुए हत्या की आशंका जताई और निष्पक्ष व उच्चस्तरीय जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि दोषियों की पहचान कर उन्हें अविलंब गिरफ्तार किया जाए ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।
राजद नेता दानिश इकबाल ने भी पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिले में लगातार आपराधिक घटनाएं बढ़ रही हैं, लेकिन आम लोगों की शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बच्ची के परिजनों की शिकायत के बावजूद प्राथमिकी दर्ज करने में टालमटोल की गई और मामले को प्राथमिकता नहीं दी गई।


स्थिति बिगड़ती देख एसडीपीओ-1 खुसरो सिराज और थानाध्यक्ष निसार अहमद भारी पुलिस बल के साथ सदर अस्पताल पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों और प्रदर्शनकारियों से वार्ता कर निष्पक्ष जांच तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद माहौल धीरे-धीरे शांत हुआ।


पुलिस प्रशासन का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


घटना के दौरान विश्व हिंदू परिषद के जिला अध्यक्ष मनोज गट्टानी, अमित मंडल, मुकेश मल्लिक, दानिश इकबाल सहित कई सामाजिक एवं राजनीतिक कार्यकर्ता मौजूद रहे। इस दर्दनाक घटना ने पूरे किशनगंज जिले को झकझोर कर रख दिया है। पीड़ित परिवार दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी और न्याय की मांग को लेकर प्रशासन की ओर उम्मीद भरी निगाहों से देख रहा है।


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