वीरेंद्र चौहान, समाज जागरण ब्यूरो किशनगंज।
05 जून। जिले के कॉलेज रोड, सफानगर में एक भव्य इमारत का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है, जहां “मरयम मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल” नामक एक निजी अस्पताल शीघ्र शुरू होने वाला है। इस अस्पताल को लेकर आरटीआई कार्यकर्ता हसीबुर रहमान ने गंभीर आरोप लगाए हैं और इसे आमजन के स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए खतरा बताया है।
आरटीआई कार्यकर्ता हसीबुर रहमान का कहना है कि यह अस्पताल करोड़ों रुपये की लागत से झोलाछाप डॉ. नुरुल हुदा द्वारा खड़ा किया गया है, जो पूर्व में पौआखाली क्षेत्र में अवैध क्लिनिक चलाते पाए गए थे। सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक पोस्ट में उन्होंने दावा किया कि अस्पताल में दर्शाए गए प्रमुख डॉक्टरों की शैक्षणिक योग्यता और चिकित्सा पंजीकरण संदेहास्पद हैं।
डॉक्टरों पर फर्जीवाड़े के आरोप:
डॉ. मरयम कादरी: अस्पताल के ग्रीन बोर्ड पर इनका नाम बतौर “Consultant OBS-GYNO” लिखा गया है। श्री रहमान का आरोप है कि इनके पास कर्नाटक से प्राप्त MBBS डिग्री होने का दावा है, लेकिन वास्तविकता में इनके पास मान्यता प्राप्त कोई वैध पंजीकरण नहीं है।
डॉ. शफीकुर रहमान: ये अपने आप को MBBS, MS बताकर न केवल प्रैक्टिस कर रहे हैं, बल्कि सर्जरी जैसे संवेदनशील कार्यों में भी लिप्त हैं। आरोप है कि वैध डिग्री मांगे जाने पर वह न्यायालय से संबंधित दस्तावेज दिखाते हैं, जो कानूनी रूप से चिकित्सा प्रैक्टिस के लिए पर्याप्त नहीं है।
दोनों को पति-पत्नी बताया गया है, जिनके खिलाफ फर्जी डॉक्टर होने का आरोप लगाया गया है। RTI कार्यकर्ता ने यह भी प्रश्न उठाया है कि जब अस्पताल का पंजीकरण होगा, तो उसमें किस डॉक्टर का नाम दर्ज होगा और मरीजों का इलाज वास्तव में कौन करेगा?
जनता से अपील:
हसीबुर रहमान ने किशनगंज की जनता से अपील की है कि वे किसी दलाल या प्रचार के झांसे में आकर इस तरह के अवैध अस्पताल में इलाज कराने न जाएं। उन्होंने कहा कि मरीजों को केवल अधिकृत और पंजीकृत डॉक्टरों से ही इलाज कराना चाहिए, ताकि उनकी जान की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
जांच की मांग:
इस पूरे प्रकरण में डॉ. नुरुल हुदा की आय के स्रोत, अस्पताल के निर्माण की वैधता, और चिकित्सकों की प्रमाणिकता को लेकर जांच की मांग उठ रही है। यह देखना बाकी है कि स्थानीय प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और मेडिकल काउंसिल इस मामले में क्या कदम उठाते हैं। जो बड़ा सवाल है।
नोट: यह खबर आरोपों पर आधारित है, जिनकी पुष्टि स्वतंत्र रूप से नहीं की गई है। संबंधित पक्षों से स्पष्टीकरण प्राप्त होने के बाद आगे की जानकारी प्रकाशित की जाएगी।
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