समाज जागरण/ अवधेश कुमार गुप्ता
सोनभद्र। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने जनपद के किसान बंधुओं से अपील करते हुए कहा है कि शासन के निर्देशानुसार मई 2026 से उर्वरक वितरण, न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद तथा कृषि विभाग की सभी लाभार्थीपरक योजनाओं में किसान पहचान पत्र (फार्मर आईडी) एवं फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य कर दी गई है।
जिलाधिकारी ने बताया कि जिन राजस्व गांवों में चकबंदी अथवा सर्वे कार्य के कारण किसानों की फार्मर आईडी नहीं बन पा रही है, ऐसे सहकारी समिति के सदस्य किसान संबंधित लेखपाल से प्रमाणित खतौनी और आधार कार्ड के साथ निकटतम सहकारी समिति अथवा उर्वरक बिक्री केंद्र से निर्धारित मानक के अनुसार उर्वरक प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि प्रति हेक्टेयर अधिकतम पांच बैग डीएपी और सात बैग यूरिया उपलब्ध कराया जाएगा।
उन्होंने यह भी बताया कि जिन किसानों की फार्मर आईडी बन चुकी है, लेकिन उसमें अंश निर्धारण की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है, वे प्रमाणित खतौनी, फार्मर आईडी और आधार कार्ड प्रस्तुत कर खाद प्राप्त कर सकते हैं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जिन किसानों की फार्मर आईडी अभी तक नहीं बनी है और वे सहकारी समिति के सदस्य भी नहीं हैं, वे शासन के निर्देशों के अनुसार निजी क्षेत्र के अधिकृत उर्वरक बिक्री केंद्रों से नियमानुसार उर्वरक प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने सभी किसानों से अपील की कि वे समय रहते अपने आवश्यक दस्तावेज पूरे कर लें, ताकि उर्वरक वितरण और कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं का लाभ बिना किसी परेशानी के प्राप्त किया जा सके।
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