अनिल कुमार अग्रहरी/ समाज जागरण
सोनभद्र। जनपद सोनभद्र में मत्स्य विभाग की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जुगैल थाना क्षेत्र अंतर्गत अगोरी गांव में रामदेव पुत्र मुन्ना के नाम स्वीकृत RS सिस्टम मछली पालन योजना (वर्ष 2023–24) में भारी अनियमितता का मामला सामने आया है। आरोप है कि योजना के तहत प्रस्तावित निर्माण कार्य केवल ढांचे तक सीमित रहा, इसके बावजूद विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से उसे पूर्ण दर्शाते हुए 15 लाख रुपये का भुगतान कर दिया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार उक्त योजना की कुल लागत 25 लाख रुपये थी, जिसमें लगभग 60 प्रतिशत अनुदान राशि शामिल थी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि कार्य स्थल पर आवश्यक संरचनाएं, तकनीकी मानक और पूर्ण RS सिस्टम आज भी मौजूद नहीं हैं, फिर भी विभागीय डीडी (DD) एवं निरीक्षक द्वारा कार्य पूर्ण दिखाकर तीन किश्तों में भुगतान करा दिया गया।
डाला निवासी अर्जुन सिंह ने इस संबंध में मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के उत्तर में विभाग द्वारा कहा गया कि “विभागीय जांच एवं जियो-टैगिंग फोटो उपलब्ध होने के बाद 15 लाख रुपये का भुगतान किया गया है। यदि कार्य अपूर्ण है तो लाभार्थी को निर्देशित किया गया है कि वह कार्य पूर्ण कराए।”
हालांकि शिकायतकर्ता का कहना है कि यह उत्तर नियमों के सर्वथा विपरीत है। नियमों के अनुसार, यदि कार्य अपूर्ण होने के बावजूद भुगतान किया गया है तो जिम्मेदार जांच अधिकारी एवं संबंधित कर्मचारियों पर कार्रवाई, साथ ही सरकारी धन की वसूली का स्पष्ट प्रावधान है।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि पूरे प्रकरण को बिचौलियों और विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से दबाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अब इस मामले को शपथ पत्र के माध्यम से जिलाधिकारी सोनभद्र को अवगत कराया जाएगा। यदि इसके बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो वे न्यायालय की शरण लेने को बाध्य होंगे।
यह मामला सामने आने के बाद मत्स्य विभाग की पारदर्शिता, जियो-टैगिंग की विश्वसनीयता और जांच प्रक्रिया पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग गए हैं। अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन और शासन स्तर पर इस कथित घोटाले पर क्या कार्रवाई की जाती है।
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