समाज जागरण
प्रमोद साहू बिहार प्रतापगढ़:-
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शहरी क्षेत्र में 24 घंटे और ग्रामीण अंचल में 18 घंटे बिजली और शाम 06:00 बजे से सुबह 06:00 बजे तक निर्बाध बिजली देने का वादा किया गया है जोकि अब यह वादे झूठी साबित हो रही है। जहां ग्रामीण अंचल को 18 घंटे बिजली देने का वादा किया गया है वहाँ 18 घंटे के नाम पर महज 8 से 10 घंटे ही मिल रही बिजली जिससे ग्रामीण परेशान। यह हालात प्रतापगढ़ जनपद के कुंडा ट्रांसमिशन के बिहार एवं बाघराय उपकेंद्र का है जहां पर 1 घंटे बिजली आती है तो 3 घंटे गुल रहती है और जब 1 घंटे आती भी है तो उसने भी चार से पांच बार अघोषित कटौती होती है। और कब आती है और कब कट जाती है इसकी जानकारी उपकेंद्र को भी नहीं होती जिसका कोई रोस्टर नहीं है। जब मीडिया कर्मी उपकेंद्र में बिजली के रोस्टर और बिजली के बारे में जानकारी लेते हैं तब उपकेंद्र में यह बताया जाता है कि जब 18 घंटे बिजली उपकेंद्र को ही नहीं मिल रही तब हम ग्रामीणों को कहां से दें। जबकि कुंडा ट्रांसमिशन से ही बहोरीकपुर और जेठवारा उपकेंद्र पर 24 घंटे निर्बाध बिजली दी जाती है तब वहाँ के उपकेंद्र से रोस्टर के हिसाब से ग्रामीणों को 18 घंटे बिजली दिया जाता है। बड़ा सवाल यह है कि जब कुंडा ट्रांसमिशन के बहोरिककपुर एवं जेठवारा उपकेंद्रों को निर्बाध 24 घंटे विद्युत सप्लाई तो बिहार एवं बाघराय उपकेंद्रों को क्यों नहीं? अगर बिहार एवं बाघराय उपकेंद्रों को भी 24 घंटे निर्बाध बिजली दी जाए तब वहाँ के उपकेंद्रों से भी रोस्टर के हिसाब से 18 घंटे बिजली ग्रामीणों को मिल सकेगी।
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