

सड़क दुर्घटना कम से कम घटित हो इसके लिए प्रशासन एवं समाज सेवियों को बढ़चढ़कर भाग लेना होगा, तभी लोग मौत के मुंह में जाने से बचेंगे।
समाज जागरण ,सत्य प्रकाश नारायण,जिला संवाददाता / धनंजय कुमार विधि संवाददाता
औरंगाबाद (बिहार) 20 दिसंबर 2022 :- घना कोहरा से औरंगाबाद शहर आज अहले सुबह घिरा रहा और चारो ओर कोहर का कहर देखने को मिला। कुछ जगहों पर घने कोहरे के कारण वाहन का आपस में टक्कर होने की भी खबर मिली हैं, लेकिन किसी की हताहत होने की सूचना प्राप्त नहीं है। ऐसे भी दिसंबर और जनवरी के महीने वाहन चालकों पर काफी भारी पड़ती है ।
नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की 2021 की रिपोर्ट के अनुसार धुंध और कोहरे के मौसम के कारण 5405 लोगों की जान चली गई, सड़क दुर्घटना में जान गवाने वाले कुछ लोगों को यह संख्या भले ही केवल 3: 5% हो लेकिन
सड़क सुरक्षा के विशेषज्ञों के मुताबिक नेशनल और स्टेट हाईवे एक्सप्रेस तथा सड़कों पर धुंध और कोहरे के कारण दुर्घटना का शिकार होना पड़ता है। वह भी तब जब कोहरे और धुंध की समस्या ज्यादा बढ़ जाए ।
एनसीआरबी की रिपोर्ट में दिसंबर और जनवरी दुर्घटनाओं के लिहाज से काफी जोखिम भरे होते हैं। जनवरी में 40235 दुर्घटनाएं हुई जो कुल हादसों का लगभग 10% है दिसंबर और 30028 का भी लगभग यही हाल रहा है कोहरे के कारण दुर्घटना का यही स्तर पिछले लगभग 5 साल से कायम है।
2018 में 8026 इस प्रकार की घटना घटित हुई जिसका अगले कुछ वर्षों में 20% का बढ़ोतरी आ गया है।
शूट ऑफ रोड ट्रेफिक इंस्टीट्यूट ऑफ रोड ट्रेफिक एजुकेशन के प्रेसिडेंट रोहित बलूजा के अनुसार कोहरे के कारण होने वाली हादसा सही ढंग से ट्रैफिक रूल फॉलो नहीं करने के कारण होती है ।नए मोटर रेगुलेशन में यह प्रावधान किया गया है । खराब मौसम अथवा कोहरे के दौरान निर्धारित सीमा से कम गति होनी चाहिए ,जिस पर सरकार और पुलिस के लिए पहल करने की आवश्यकता है ।लोगों में जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है। इस में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेना पड़ेगा ताकि कम से कम इस प्रकार की दुर्घटना घटित हो और लोग मौत के मुंह में जाने से बचें।
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