चितरंगी एसडीएम की रेड से मचा हड़कंप
समाज जागरण
विजय तिवारी
सिंगरौली।
जिले में लंबे समय से पनप रहे रेत माफिया के काले कारोबार पर आखिरकार प्रशासन ने करारा प्रहार कर दिया है। कलेक्टर गौरव बैनल के स्पष्ट निर्देशों के बाद चितरंगी एसडीएम सौरभ मिश्रा ने राजस्व टीम के साथ जब ग्राम रेही स्थित रेत खदान पर अचानक छापा मारा, तो वहां की हकीकत देखकर अधिकारी भी चौंक गए।
जांच में सामने आया कि सहकार ग्लोबल कंपनी खुलेआम लीज क्षेत्र से बाहर रेत का अवैध उत्खनन कर रही थी। नियम-कानून को ठेंगा दिखाते हुए खनन माफिया द्वारा मौके पर पीसीसी मशीन से रेत निकाली जा रही थी। कार्रवाई के दौरान मशीन को मौके पर ही जब्त कर थाना चितरंगी को सौंप दिया गया।बताया जा रहा है कि सरकार ग्लोबल कंपनी के खिलाफ कई महीनों से लगातार शिकायतें मिल रही थीं। ग्रामीणों और स्थानीय सूत्रों द्वारा अवैध उत्खनन, पर्यावरण क्षति और राजस्व चोरी की शिकायतें प्रशासन तक पहुंचाई गई थीं, लेकिन माफिया के नेटवर्क के चलते अब तक कार्रवाई नहीं हो पा रही थी। कलेक्टर ने जब इन शिकायतों को गंभीरता से लिया, तब जाकर प्रशासनिक चुप्पी टूटी और छापेमारी की तलवार चली। इस कार्रवाई के बाद रेत माफिया में हड़कंप मच गया है। बताया जा रहा है कि अवैध उत्खनन से जुड़े कई लोग अब मशीनें हटाने और सबूत मिटाने में जुट गए हैं। प्रशासन की इस सख्ती से यह साफ संदेश गया है कि अब ‘सेटिंग’ नहीं, सीधी कार्रवाई होगी।
जिला प्रशासन ने दो टूक कहा है कि अवैध उत्खनन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नियम तोड़ने वाली कंपनियों और माफियाओं पर लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
लेकिन सवाल यह भी है कि अब तक लीज सीमा से बाहर उत्खनन कैसे चलता रहा? क्या इसमें निचले स्तर की मिलीभगत की भी जांच होगी? क्या केवल मशीन जब्ती से माफिया पर लगाम लगेगी या एफआईआर और ब्लैकलिस्टिंग भी होगी? रेत माफिया के खिलाफ यह कार्रवाई सिर्फ शुरुआत मानी जा रही है। आने वाले दिनों में यदि प्रशासन इसी तेवर में रहा, तो जिले में वर्षों से फल-फूल रहे अवैध खनन नेटवर्क की परत-दर-परत पोल खुल सकती है।
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