
*आर्थिक एवं सामाजिक रूप से महिलाएं हो रही है सशक्त : मुख्य विकास अधिकारी*
*डिजिटल ट्रांजेक्शन के लिए ग्रामीण अंचलों में समूह की महिलाओं ने चलाया अभियान*
इटावा : उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन तहत जनपद की ग्राम पंचायत में पदस्थ बीसी सखियों के माध्यम से ग्रामीण लोगों को डिजिटल लेनदेन हेतु डिजिटल साक्षरता अभियान चलाया जा रहा है। ग्रामीणों को ग्राम पंचायत स्तर पर बैंकिंग सेवाएं जैसे जमा और निकासी, बैंक खाता खोलने, बीमा, विद्युत बिल, मोबाइल रिचार्ज आदि बीसी सखी के माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही है।
प्रणता ऐश्वर्या, मुख्य विकास अधिकारी के निर्देशन में वित्तीय साक्षरता एवं जागरूकता अभियान के लिए पंचायतों में डिजिटल साक्षरता कैंप का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जनपद में महिलाएं अपनी कमाई और बचत की क्षमता में समय के साथ वृद्धि की है।
सुधीर कुमार उपायुक्त उद्योग/ स्वत: रोजगार में बताया कि आजादी के अमृत महोत्सव 2.0 के अंतर्गत जनपद में स्वयं सहायता समूह की महिलाएं स्वयं जागरूक करने का प्रयास कर रही हैं। इससे स्थानीय स्तर पर लोगों को बैंकिंग सुविधाएं और बीसी सखियों को आजीविका का साधन उपलब्ध हो रहा है।
संतोष कुशवाहा, जिला मिशन प्रबंधक सूक्ष्म वित्त ने बताया कि 338 चयनित एवं प्रशिक्षित है। इनमें से 311 बीसी सखियों को 75-75 हजार रुपए 4% वार्षिक ब्याज दर पर उपलब्ध कराए गए हैं। वित्तीय लेनदेन के लिए 276 को ई-पॉस मशीन उपलब्ध है। इन्हें 6 माह तक ₹4000 मासिक पारिश्रमिक दिया जाता है। उसके बाद ट्रांजैक्शन आधारित कमिशन बैंक द्वारा भुगतान किया जाता है। बीसी सखियों को मिशन द्वारा ड्रेस कोड साड़ी, बैग, बैनर, पंपलेट आदि उपलब्ध कराए गए हैं।
डॉ नन्दकिशोर साह, जिला मिशन प्रबंधक एसएमसीबी ने बताया कि जनपद में 94 हजार महिलाएं स्वयं सहायता समूह से जुड़ चुकी है।
जिला मिशन प्रबंधक दीपेंद्र सिंह तोमर, विप्लव भूषण, सूर्य नारायण पांडेय, जितेश श्रीवास्तव, ब्लॉक मिशन प्रबंधकों आदि का सराहनीय सहयोग मिल रहा है।
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