समाज जागरण ब्यूरो
नई दिल्ली। देश भर के पर्यटन ग्रामों की प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ के सरोधा-दादर को सर्वश्रेष्ठ ग्राम के रूप में चुना गया है. विश्व पर्यटन दिवस के मौके पर केन्द्रीय पर्यटन मंत्रालय द्वारा छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले के सरोधा-दादर गाँव को राष्ट्रीय स्तर पर रजत श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ पर्यटन ग्राम का पुरस्कार दिया गया है. भारत मंडपम में आयोजित समारोह में सरोधा-दादर गाँव के मंगल सिंह धुर्वे ने यह पुरस्कार ग्रहण किया. यह चयन देश भर के 31 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 795 गांवों में से किया गया.
सरोधा-दादर, कवर्धा (Kawardha) जिले से करीब 50 किमी और चिल्फीघाटी से 5 किलोमीटर दूर स्थित एक गाँव है. यह पर्वतों और घाटियों के बीच समुद्र तल से करीब 3 हजार फीट ऊंचाई पर स्थित एक खूबसूरत गांव है. यहाँ आम तौर पर पूरे साल पर्यटक आते रहते हैं. लेकिन अक्टूबर माह से उनकी संख्या में बढ़ोतरी होने लगती है. ठंड के मौसम में यहां का तापमान कभी-कभी शून्य से नीचे भी चला जाता है.
यहाँ भारत के विभिन्न राज्यों के अलावा इंग्लैंड, स्विट्जरलैंड और आस्ट्रेलिया से भी सैलानी आते हैं. खास तौर पर चिल्फीघाटी और सरोदा दादर में प्रकृति का आनंद लेने के लिए यहाँ पर्यटकों की आवाजाही बहुत अधिक रहती है. कवर्धा जिले में मुख्य रूप से बैगा आदिवासी निवास करते हैं, इनकी पारंपरिक जीवन शैली और संस्कृति सैलानियों को विशेष रूप से अपनी ओर आकर्षित करती है. बता दें कि सरोधा-दादर और पीड़ाघाट के पास एक वॉच-टॉवर भी बनाया गया है, जहाँ से सैलानी पर्वत और घाटी के सुन्दर दृश्य का आनंद ले सकते हैं.
सीएम भूपेश बघेल, पर्यटन मंत्री ताम्रध्वज साहू, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री मोहम्मद अकबर ने भारत के पर्यटन मानचित्र पर कबीरधाम जिले के ग्राम सरोदा दादर को राष्ट्रीय स्तर पर रजत श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ पर्यटन ग्राम का पुरस्कार मिलने पर शुभकामनाएं दी है.
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