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सिविल कोर्ट गेट एनएच- 27 पर ट्रैफिक सुरक्षा का गंभीर संकट, अधिवक्ता रविकांत ने मुख्य न्यायाधीश को लिखा पत्र

वीरेंद्र चौहान, समाज जागरण ब्यूरो किशनगंज।
किशनगंज। शहर के सिविल कोर्ट मुख्य प्रवेश द्वार के समीप National Highway 27 (एनएच-27) पर लगातार बनी ट्रैफिक अव्यवस्था को लेकर अधिवक्ता रविकांत ने गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने इस संबंध में Patna High Court के माननीय मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर स्वतः संज्ञान लेने और जनहित याचिका (पीआईएल) के रूप में सुनवाई करने की मांग की है।
अपने पत्र में अधिवक्ता रविकांत ने उल्लेख किया है कि एनएच-27 पर कोर्ट गेट के पास न तो ट्रैफिक पुलिस की नियमित तैनाती है और न ही कोई ट्रैफिक सिग्नल या व्यवस्थित नियंत्रण व्यवस्था। तेज रफ्तार बसों और ट्रकों के बीच से प्रतिदिन सैकड़ों अधिवक्ता, वादी, न्यायालय कर्मचारी एवं आम नागरिकों को सड़क पार करनी पड़ती है। इस कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिससे आम लोगों की जान जोखिम में बनी हुई है।


उन्होंने यह भी बताया कि किशनगंज जिला बार एसोसिएशन द्वारा पूर्व में जिला प्रशासन को लिखित शिकायत दी जा चुकी है, जिसमें व्यस्त समयावधि के दौरान ट्रैफिक पुलिस की तैनाती और सिग्नल लगाने की मांग की गई थी। इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि सिविल कोर्ट के आसपास 500–700 मीटर के दायरे में कई महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालय—जैसे बस स्टैंड, नगर परिषद, जिला पंजीकरण कार्यालय, परिवहन कार्यालय, डाकघर, डीएम एवं एसपी कार्यालय, थाना तथा मंडल कारा—स्थित हैं। प्रतिदिन हजारों लोगों का इस क्षेत्र से आवागमन होता है, जिनमें महिलाएं, बुजुर्ग और दिव्यांगजन भी शामिल हैं। ऐसे में पैदल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।


अधिवक्ता रविकांत ने अपने पत्र में कोर्ट गेट के पास तत्काल ट्रैफिक पुलिस की तैनाती, सिस्टेमेटिक ट्रैफिक सिग्नल की स्थापना, स्पीड ब्रेकर एवं ज़ेब्रा क्रॉसिंग निर्माण तथा चेतावनी संकेतक बोर्ड लगाने की मांग की है। उन्होंने आग्रह किया है कि जनहित से जुड़े इस गंभीर मुद्दे पर शीघ्र न्यायिक हस्तक्षेप आवश्यक है, ताकि किसी बड़ी दुर्घटना से पहले ही प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जा सके।

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