समाज जागरण अनिल कुमार
हरहुआ वाराणसी।
हरहुआ स्थानीय विकासखंड के अंतर्गत ग्राम सभा हरहुआ डीह स्थित पुरानी सब्जी मंडी से हरहुआ डीह की ओर जाने वाले मुख्य मार्ग पर महीनों से सीवर जाम की गंभीर समस्या बनी हुई है। सीवर जाम होने के कारण सड़क के बीचों-बीच गंदा नाले का पानी लगातार बह रहा है, जिससे क्षेत्र से आने-जाने वाले लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
यह मार्ग केवल हरहुआ डीह के लिए ही नहीं, बल्कि रामसिंहपुर, धनेसरी, देवनाथपुर, बिरापट्टी, वाजिदपुर, चंदीपट्टी, वार, सहित आसपास के कई गांवों के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसी रास्ते से किसान और व्यापारी सब्जी खरीदने और बेचने के लिए प्रतिदिन पुरानी सब्जी मंडी आते-जाते हैं। सड़क पर बहते गंदे पानी के कारण राहगीरों, खासकर दोपहिया वाहन चालकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार सड़क के किनारे कई निर्माणाधीन मकान हैं, जहां गिट्टी, बालू, सीमेंट लाने के लिए भारी वाहनों का आवागमन लगातार हो रहा है। ओवरलोड वाहनों के चलते सीवर का चैंबर टूट गया और पाइप क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे सीवर जाम की स्थिति पैदा हो गई। इसके अलावा निर्माण कार्य के दौरान मिट्टी और कचरा सड़क पर फैलने से फिसलन बढ़ गई है। आए दिन दोपहिया वाहन चालक फिसलकर गिर रहे हैं, जिससे न केवल उन्हें चोट लग रही है बल्कि उनकी सब्जियां भी खराब हो जा रही हैं।
सूत्रों के अनुसार इस नाली में एक अपार्टमेंट की नाली का कनेक्शन भी जोड़ दिया गया है, जिससे समस्या और गंभीर हो गई है। स्थानीय ग्रामीण साजिद खान, गुलशेर खान, दीपक पांण्डेय, सोनू मिश्रा, गोलू मिश्रा, नसीम अहमद, आमिर खान सहित अन्य लोगों ने बताया कि यह नाली अक्सर जाम रहती है और कई बार शिकायत के बावजूद स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।
ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम प्रधान से शिकायत की गई। ग्राम प्रधान मौके पर भी आए और निर्माण कराने वालों ने जल्द ठीक कराने का आश्वासन दिया, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस संबंध में ग्राम प्रधान अनवर हाशमी ने बताया कि नाली जाम नहीं है, बल्कि सड़क के बगल में बन रहे गोदाम व अन्य निर्माणाधीन मकानों के कारण ओवरलोड वाहनों से चैंबर का ढक्कन और पाइप टूट गया है। उन्होंने कहा कि निर्माण कराने वालों को जल्द मरम्मत कराने के लिए कहा गया है। यदि दो दिन के भीतर चैंबर का निर्माण नहीं कराया गया तो संबंधित लोगों के खिलाफ बड़ागांव थाने में शिकायत दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



