अमरकंटक।
श्री कल्याण सेवा आश्रम, अमरकंटक द्वारा नगरवासियों की जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए एक आधुनिक, सुव्यवस्थित एवं सुविधायुक्त मुक्तिधाम का निर्माण कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है। यह पुनीत एवं मानवसेवी कार्य आश्रम के प्रबंध निवासी स्वामी हिमाद्रि मुनी जी महाराज की दूरदर्शी सोच, सामाजिक संवेदना एवं लोककल्याण के प्रति समर्पण का सशक्त उदाहरण है।
पूर्व में नगर में स्थित मुक्तिधाम में बैठने की समुचित व्यवस्था, स्वच्छ जल, विद्युत प्रकाश तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं का अभाव था। अंतिम संस्कार जैसे अत्यंत संवेदनशील समय में शोकाकुल परिजनों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। साथ ही मुक्तिधाम का सड़क के समीप स्थित होना विद्यालय जाने वाले बच्चों पर मानसिक एवं भावनात्मक प्रभाव भी डालता था, जिसे लेकर स्वामी हिमाद्रि मुनी जी महाराज निरंतर चिंतित रहते थे।
इन्हीं सभी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए स्वामी जी के मन में एक स्वच्छ, सुरक्षित एवं पूर्णतः व्यवस्थित मुक्तिधाम की परिकल्पना उत्पन्न हुई। उन्होंने नगरहित को सर्वोपरि रखते हुए इस योजना को मूर्त रूप देने का संकल्प लिया। नव-निर्मित मुक्तिधाम में चारों ओर बाउंड्री वॉल, स्वच्छ जल की व्यवस्था, विद्युत प्रकाश, पक्की सड़क, छायादार विश्राम स्थल सहित सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की गई है।
स्वामी हिमाद्रि मुनी जी महाराज के संकल्प, श्री कल्याण सेवा आश्रम के निरंतर प्रयास एवं समाज के सहयोग से यह महत्वाकांक्षी योजना आज पूर्ण रूप से साकार हो चुकी है। यह मुक्तिधाम न केवल नगरवासियों को सुविधा प्रदान करेगा, बल्कि अंतिम संस्कार की प्रक्रिया को सम्मान, गरिमा एवं संवेदनशील वातावरण में संपन्न कराने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
इस मानवसेवी कार्य के लिए नगरवासियों, समाजसेवियों एवं श्रद्धालुओं ने श्री कल्याण सेवा आश्रम एवं स्वामी हिमाद्रि मुनी जी महाराज के प्रति हृदय से धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया है। साथ ही स्थानीय प्रशासन एवं जिला प्रशासन के सहयोग के लिए भी विशेष रूप से आभार प्रकट किया गया।
नव-निर्मित मुक्तिधाम आने वाले समय में अमरकंटक नगर के लिए एक महत्वपूर्ण सामाजिक धरोहर के रूप में स्थापित होगा।
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