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बहल में श्रीमद्भागवत कथा का हुआ श्रद्धापूर्वक समापन

सुदामा चरित्र व परीक्षित मोक्ष प्रसंग सुन भाव-विभोर हुए श्रद्धालु, भंडारे में ग्रहण किया प्रसाद

दैनिक समाज जागरण, जिला संवाददाता। ( महेन्द्र जावला बहल )

बहल, 1 जून। श्री कृष्ण प्रणामी मंदिर बहल में आयोजित सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा का रविवार को श्रद्धा एवं भक्ति भाव के साथ पूर्णाहुति कार्यक्रम संपन्न हुआ। कथा के सातवें एवं अंतिम दिन सुदामा चरित्र तथा राजा परीक्षित मोक्ष प्रसंग का मार्मिक वर्णन किया गया, जिसे सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए।

कथा वाचक साध्वी अजीता महाराज ने सुदामा चरित्र का वर्णन करते हुए बताया कि भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता निस्वार्थ प्रेम, समर्पण और सच्चे संबंधों का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भगवान अपने भक्तों के प्रेम के भूखे होते हैं और सच्ची श्रद्धा से की गई भक्ति कभी व्यर्थ नहीं जाती।

इसके पश्चात राजा परीक्षित मोक्ष प्रसंग का वर्णन करते हुए साध्वी अजीता महाराज ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण मनुष्य को मोक्ष के मार्ग की ओर अग्रसर करता है तथा जीवन में धर्म, सत्य और सदाचार का महत्व सिखाता है।

कथा की पूर्णाहुति पर विशेष पूजा-अर्चना एवं आरती का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों के साथ आरती में भाग लेकर सुख-समृद्धि एवं कल्याण की कामना की। पूरे मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा और श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति देखने को मिली।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्रसाद वितरण एवं विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बहल एवं आसपास के क्षेत्रों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ प्राप्त किया।

आयोजन समिति ने कथा को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी श्रद्धालुओं, ग्रामवासियों एवं सहयोगकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। सात दिनों तक चले इस धार्मिक आयोजन ने क्षेत्र में धर्म, भक्ति एवं संस्कारों का संदेश प्रसारित किया।


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