रिपोर्ट अनिल कुमार बोकारो
बोकारो के कसमार थाना क्षेत्र के मधुपुर निवासी के घर में घुसकर गोली मारने के मामले में
13 जनवरी के रात हजारीबाग के डीसी कार्यालय में कार्यरत कर्मी पिंटू नायक की हत्या मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पिंटू नायक की हत्या उसकी भाभी सुनीता देवी ने शूटरों की मदद से कराई थी। हत्या के एवज में शूटरों को 3 लाख देने की बात हुई थी, जिसमें डेढ़ लाख रुपए की राशि का भुगतान कर दिया गया था।
हत्या का मुख्य वजह संपत्ति विवाद और भाभी से अवैध संबंध था। इस हत्याकांड में इस्तेमाल किया गया बाइक हथियार को भी बरामद किया गया है।
इसकी जानकारी बोकारो के एसपी मनोज स्वर्गीयरी ने पत्रकारों से बात करते हुए दी है।एसपी ने बताया कि हत्या कांड का मुख्य वजह जमीन विवाद और प्रेम प्रसंग था। इस हत्याकांड की साजिश चार महीने पूर्व रची गई थी। एसपी ने बताया सुनीता देवी के भाई का बेटा छोटेलाल नायक और टीमा तुरी ने सुनीता देवी के मदद से घर में घुसने का काम किया और दोनों ही ने अपने हथियार से एक-एक गोली मारकर पिंटू नायक की हत्या की। इस हत्याकांड में सरायकी करने वाले पर हथियार को छुपाने वाले राहुल कश्यप और अजीत कुमार को भी गिरफ्तार किया गया है। इस हत्याकांड में इस्तेमाल किया गया एक देशी पिस्तौल और देशी कट्टा समेत 7.65 mm की 5 गोली और 8 mm की चार गोली को भी बरामद किया गया है। जानकारी के मुताबिक पिंटू नायक तीन भाई थे जिसमें सबसे बड़े भाई की मौत 18 वर्ष की उम्र में ही हो गई थी जबकि सुनीता देवी के पति वर्षो से लापता है। पिंटू नायक घर का अकेला भाई बचा हुआ था जबकि भाभी सास ससुर और पिंटू से अलग रहते थे।पुलिस ने भाभी के साथ चार अपराधियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा.
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