*सोन संगम के तत्वावधान में, अवधी के सुप्रसिद्ध लोककवि स्व0 डॉ0 शालिग्राम शर्मा की मनाई गई जयंती*

अइसन चुपरय, अइसन चाटय, कहां सिखै
डॉ0 शिवशंकर मिश्र सरस को वर्ष- 2025 का माटी महकी सम्मान।

भोला नाथ मिश्र/ समाज जागरण

सोनभद्र/शक्तिनगर। साहित्यिक सामाजिक संस्था सोन संगम के तत्वावधान में, अवधी के सुप्रसिद्ध लोककवि स्व0 डॉ0 शालिग्राम शर्मा की जयंती के अवसर पर विवेकानन्द वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, शक्तिनगर में 23 अगस्त, 2025, शनिवार की शाम एक काव्य संध्या का आयोजन गोपाल तिवारी, प्रधानाचार्य विवेकानन्द प्राथमिक विद्यालय शक्तिनगर के मुख्य आतिथ्य एवं नरेन्द्र भूषण शुक्ल, प्रधानाचार्य, विवेकानन्द वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, शक्तिनगर की अध्यक्षता में किया गया। उक्त अवसर पर बघेली बोली के प्रख्यात रचनाकार डॉ0 शिवशंकर मिश्र सरस, सीधी, म0प्र0 को लोकभाषा के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए संस्था द्वारा ‘माटी महकी’ सम्मान, 2025 से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का आरम्भ मां सरस्वती एवं स्व0 डॉ0 शालिग्राम शर्मा के चित्र पर पुष्पार्चन से हुआ।

तत्पश्चात सतीश सिंह, रवीन्द्र मिश्र एवं डॉ0 ब्रजेन्द्र शुक्ल ने सरस्वती वन्दना एवं गणेश वंदना प्रस्तुत की। अतिथियों का स्वागत विजय दुबे ने किया। डॉ0 शर्मा के पुत्र डॉ0 योगेन्द्र मिश्र ने उनकी प्रतिनिधि रचनाओं का पाठ किया। मुख्य अतिथि गोपाल तिवारी एवं अध्यक्षता कर रहे नरेन्द्र भूषण शुक्ल ने संस्था के इस प्रयास की सराहना करते हुए लोकभाषा में साहित्य रचना करने वाले कवियों के समुचित सम्मान की आवश्यकता पर बल दिया, साथ ही डॉ0 शिवशंकर मिश्र सरस को उक्त सम्मान प्राप्त करने पर शुभकामनाएं दीं। सम्मानित कवि डॉ0 शिवशंकर मिश्र सरस ने बघेली बोली की अपनी अनेक लोकप्रिय रचनाएं सुनायीं। उनकी कविता अइसन चुपरय, अइसन चाटय कहां सिखै, दाना धरय, पछोरन बांटय कहां सिखै’ ने श्रोताओं को हास्य-व्यंग्य के रंग में रंग दिया। इनके अतिरिक्त माहिर मिर्जापुरी, नरेन्द्र भूषण शुक्ल, गोपाल जी तिवारी, डॉ0 बीना सिंह रागी (रायपुर) पाणि पंकज पाण्डेय (सिंगरौली), डॉ0 योगेन्द्र मिश्र, बहर बनारसी, डॉ0 ब्रजेन्द्र शुक्ल (विन्ध्यनगर), रमाकान्त पाण्डेय, रवीन्द्र मिश्र (विन्ध्यनगर), विजयलक्ष्मी पटेल, सुरेश्वर प्रसाद मिश्र, विमल शर्मा सहित अनेक कवियों ने अपनी सारगर्भित एवं सशक्त रचनाओं का पाठ किया। कार्यक्रम में खड़ी बोली के अतिरिक्त लोकभाषाओं की कविताओं ने श्रोताओं को देर तक बांधे रखा। उक्त अवसर पर डॉ0 छोटेलाल प्रसाद, डॉ0 योगेन्द्र वीएस तिवारी, राजनाथ दुबे, डा0 दिनेश सोनकर, उदय नारायण पाण्डेय, बद्री प्रसाद, राजेन्द्र पाण्डेय, करुणा माथुर, रीता पाण्डेय, सौम्या, समिधा, गौतमी, अभिश्री, अव्यांश, अदित्य सहित क्षेत्र के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ0 मानिक चन्द पाण्डेय ने किया। गुलाब सिंह के आभार प्रदर्शन के साथ कार्यक्रम सम्पन्न हुआ।

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