नियमित टीकाकरण के आच्छादन में सुधार के लिए विशेष अभियान

जिलाधिकारी के निर्देश पर 172 कम आच्छादन वाले सत्र चिह्नित

अररिया।

जिले में नियमित टीकाकरण के आच्छादन में सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। वर्तमान में जिले में पूर्ण टीकाकरण की दर 85 प्रतिशत है, जिसे स्वास्थ्य विभाग द्वारा 95 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस दिशा में व्यापक रणनीति के तहत पहल की जा रही है ताकि सभी बच्चों को नियमित टीकाकरण का लाभ मिल सके।

अभियान का संचालन

जिलाधिकारी अनिल कुमार द्वारा टीकाकरण संबंधी मामलों की नियमित समीक्षा की जा रही है। उन्होंने संबंधित स्वास्थ्य अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए हैं ताकि कम आच्छादन वाले क्षेत्रों की पहचान की जा सके। छठ महापर्व के बाद विशेष टीकाकरण अभियान संचालित करने का निर्णय लिया गया है, जिसमें टीकाकरण को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ाने और संदेह दूर करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

172 सत्र स्थल चिह्नित

जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. मोईज ने बताया कि विशेष अभियान के सफल संचालन के लिए 172 कम आच्छादन वाले सत्र स्थलों को चिह्नित किया गया है। इन स्थलों पर विशेष अभियान चलाकर टीकाकरण के आच्छादन में सुधार किया जाएगा। सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं कि वे त्योहार के बाद सर्वे ड्यूलिस्ट को अद्यतन करते हुए टीकाकरण सत्र आयोजित करें।

टीकाकरण का महत्व

सिविल सर्जन ने कहा कि टीकाकरण बच्चों की स्वस्थ जिंदगी के लिए आवश्यक है, क्योंकि यह उन्हें गंभीर रोगों से बचाता है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की है कि वे टीकाकरण के महत्व को समझें और अपने बच्चों का शत प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करें। इस प्रकार, विशेष अभियान से जिले में टीकाकरण के आच्छादन में गुणात्मक सुधार की उम्मीद की जा रही है, जिससे बच्चों को रोगमुक्त बनाया जा सकेगा।

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